अर्की, सोलन और नालागढ़ विस क्षेत्रों में हाथ की पकड़ मजबूत, कसौली और दून में भाजपा जीती
सोलन सदर में ससुर ने दामाद को दी पटकनी
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
कांग्रेस ने सोलन में महत्वपूर्ण सीट अर्की समेत दो अन्य पर जीत हासिल की है। कांग्रेस ने नालागढ़ और अर्की सीट को भाजपा से छीना वहीं दून सीट से उसे हाथ भी धोना पड़ा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अर्की विधानसभा क्षेत्र से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के रत्नपाल को 6051 मतों के अंतर से पराजित किया। वीरभद्र सिंह ने यहां कुल 34 हजार 499 मत हासिल किए। भाजपा के रत्नपाल को 28 हजार 448 मत मिले।
भाजपा ने यहां दो बार चुनाव जीतने वाले गोबिंद शर्मा का टिकट काटकर रत्नपाल पर दांव खेला था। इसके बाद वीरभद्र सिंह की एक तरफा जीत का दावा किया था। दून में कांग्रेस नेता एवं निवर्तमान विधायक रामकुमार चौधरी चुनाव हार गए हैं। उन्हें भाजपा के परमजीत सिंह ने 4319 मतों के अंतर से पराजित किया। परमजीत पम्मी ने 29701 मत हासिल किए जबकि रामकुमार चौधरी को 25 हजार 382 मतों से संतोष करना पड़ा। रामकुमार की हार के साथ ही दून में चौधरी परिवार के हाथ से सत्ता भी फिसल गई है।
कसौली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के डॉ. राजीव सहजल हैट्रिक लगाने में कामयाब रहे हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के विनोद सुल्तानपुरी को 442 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। राजीव सहजल ने 23 हजार 656 मत हासिल किए। विनोद सुल्तानपुरी को 23 हजार 214 मत पड़े। राजीव सहजल ने वर्ष 2012 के चुनाव में यह सीट 24 मतों के अंतर से जीती थी। नालागढ़ विस क्षेत्र में कांग्रेस ने लखविंद्र राणा ने भाजपा के केएल ठाकुर को 1242 मतों के अंतर से पराजित किया।
लखविंद्र राणा ने 25 हजार 872 मत हासिल किए तो केएल ठाकुर 24 हजार 630 मतों से संतोष करना पड़ा। सबसे दिलचस्प सोलन सदर सीट के मुकाबले में ससुर कर्नल धनी राम शांडिल ने अपने दामाद भाजपा के डॉ. राजेश कश्यप को 671 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। कर्नल धनी राम शांडिल को 26 हजार 200 जबकि भाजपा के डॉ. राजेश कश्यप को 25 हजार 529 मत मिले। जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कंवर ने बताया कि सभी पांचों विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना शांतिपूर्वक संपन्न हुई है।