सोलन। गर्ल्स स्कूल सोलन की सख्ती का खामियाजा भुगत रहे प्राइमरी स्कूल के छात्रों को राहत मिल गई है। दबाव बढ़ने के बाद गर्ल्स स्कूल प्रबंधन ने प्राइमरी स्कूल को भवन की चाबी सौंप दी है। अब बच्चे ठंड में ठिठुरने से बच जाएंगे। उन्हें सर्दियों के लिए कमरे का प्रबंध हो गया है। वीरवार को गर्ल्स स्कूल पहुंची राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम ने मुआयना करने के बाद स्कूल प्रबंधन को प्राइमरी सेक्शन के लिए कमरे खोलने के निर्देश दिए।
अमर उजाला ने पहली नवंबर को इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें सेकेंडरी सेक्शन की सख्ती की वजह से प्राइमरी के करीब 350 बच्चों को खुले आसमान तले पढ़ने को मजबूर होने का जिक्र किया था। नए भवन पर गर्ल्स स्कूल प्रबंधन ने सख्ती दिखाते हुए उद्घाटन के बाद ताला लगा दिया था। इसके चलते प्राइमरी सेक्शन के बच्चे खुले में जमीन पर बैठने को मजबूर थे। सोलन के इस स्कूल में जिला में सर्वाधिक संख्या में बच्चे पढ़ रहे हैं। लेकिन भवन निर्माण का काम शुरू होने के बाद करीब सौ बच्चे दूसरे स्कूलों में पलायन कर गए थे। भवन निर्माण के दौरान इस्तेमाल से बच गई सामग्री को भी खुले में फेंकने से बच्चों को दिक्कतें पेश आ रही थी।
अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद राज्य बाल संरक्षण आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया। वीरवार को बाल संरक्षण इकाई अध्यक्ष किरण धांटा की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम स्कूल पहुंची। यहां पहुंचने के बाद टीम ने इस समस्या का अध्ययन किया। इसके बाद दोनों स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक की और प्राइमरी स्कूल को चाबी सौंपने के निर्देश जारी किए। इसका सेकेंडरी सेक्शन ने कोई विरोध नहीं किया। चाबी मिलने के बाद बच्चों और शिक्षकों में खुशी का माहौल है। अब जो बच्चे कुछ दिन पहले तक ठंड में खुले आसमान तले जमीन पर बैठ रहे थे वे आलीशान भवन में पढ़ाई का लुत्फ उठा सकेंगे।
चाबी सौंपने के दिए निर्देश : धांटा
बाल संरक्षण आयोग की चेयरमैन किरण धांटा ने बताया कि समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार से समस्या की गंभीरता को देखते हुए उनकी टीम सोलन आई थी। यहां प्राथमिक स्कूल के बच्चे खुले में बैठने को मजबूर पाए गए। इसके बाद गर्ल्स स्कूल को निर्देश जारी कर चाबी सौंपने को कहा गया। इसके लिए स्कूल प्रबंधन तैयार हो गया। इस टीम में सदस्य के रूप में आशुतोष गुप्ता और रोशन लाल शर्मा शामिल थे।
डेढ़ माह पूर्व हुआ था उद्घाटन
गर्ल्स स्कूल में नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करीब डेढ़ माह पूर्व हुआ था। यह चार मंजिला भवन है। इसे बनाने से पूर्व प्राइमरी स्कूल को तोड़ा था। उस समय प्राइमरी स्कूल को भवन निर्माण के बाद कमरे देने की शर्त रखी गई। लेकिन बाद में इस शर्त को पूरा नहीं किया गया। सेकेंडरी सेक्शन ने ऊपरी दो मंजिलों पर कब्जा जमा लिया जबकि दो मंजिलों को ताले में जड़ दिया गया। यहां करीब साढ़े चार सौ बच्चे पढ़ाई कर रहे थे जिनमें से सौ ने स्कूल छोड़ दिया। लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है और भवन प्राइमरी स्कूल को मिल गया है।