पांवटा साहिब (सिरमौर)। गोबिंद सागर झील में पंजाब के सात युवकों की डूबने से मौत के बाद मंगलवार को क्षेत्र के सबसे संवेदनशील यमुनाघाट स्थल पर सुरक्षा हालात का जायजा लिया गया। इस बार घाट पर पहुंचते ही स्थानीय गोताखोर अलर्ट नजर आए जो उफनती यमुना नदी के तट पर श्रद्घालुओं को आगे नहीं जाने का आग्रह करते दिखे।
बता दें कि इस वर्ष भी यमुनाघाट पर दो दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। पहले मामले में कमांडो प्रशिक्षण के दौरान उत्तराखंड के एक जवान की डूबने से मौत हो गई थी। दो माह पहले ही बाहरी राज्य से परिवार सहित धार्मिक यात्रा पर पांवटा पहुंचे एक युवक की भी डूबने से मौत हुई थी। अमर उजाला ने इस संवेदनशील स्थल पर श्रद्घलुओं की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। लिहाजा, एसडीएम पांवटा विवेक महाजन और डीएसपी पांवटा बीर बहादुर समेत विभिन्न विभागों की बैठक के बाद इस स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए।
यमुनाघाट पर आधा दर्जन स्थानीय गोताखोरों की तैनाती की है जिसमें शिवा सिंह, राजेश कुमार, प्रदीप सिंह, राकेश कुमार, अभिमन्यु और नरेश कुमार शामिल है। सुबह छह बजे से रात दस बजे तक दो-दो गोताखोर यहां हर समय तैनात रहते हैं। इनके पास रबड़ ट्यूब, लाइफ सेविंग जैकेट्स व रस्से दिए गए हैं।
स्थानीय गोताखोरों की एक वोट प्रदान करने की मांग जरूर रही है ताकि बचाव अभियान के दौरान दिक्कतें न रहे। शिवा सिंह व राजेश कुमार ने बताया कि पिछले दो माह से मवेशी समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों को हादसे से बचाया गया है। मौके पर दिन के समय होमगार्ड जवान भी तैनात रह कर लोगों को गहरे पानी की तरफ जाने से रोकते हैं।
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मारकंडा नदी में भी जा रहीं कई जानें
नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर बहने वाली मारकंडा नदी में भी कई युवक अपनी जान गंवा चुके हैं। इस स्थान पर सड़क के साथ चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं लेकिन कई लोग इसकी परवाह किए बगैर जंगल के रास्ते से नदी में उतर जाते हैं।
बता दें कि खजुरना के समीप से बह रही मारकंडा नदी में अकसर गर्मियों में कई स्थानीय और बाहरी राज्यों के युवा सैर सपाटे के लिए पहुंचते हैं। हर साल यहां हादसे होते आए हैं। इस साल भी तीन-चार युवक यहां जान गवां चुके हैं। कुछ समय पहले स्थानीय लोगों ने नदी में हादसे वाले कुंड को पत्थरों से भरने के प्रयास किए थे। कुंड की काफी गहराई होने के कारण यहां नहाने वाले युवक इसका अंदाजा नहीं लगा पाते।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिरमौर बबीता राणा ने बताया कि सड़क किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। पीसीआर वैन से रोजाना इस क्षेत्र की गश्त भी की जा रही है। साथ ही पंचायत को भी इस बारे में सचेत रहने के लिए कहा गया है। पुलिस इस स्थल की निगरानी रख रही है।
पांवटा के यमुनाघाट पर तैनात गोताखोर। संवाद- फोटो : NAHAN