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आंगनबाड़ी, मिड-डे मील कर्मियों को बनाया जाए सरकारी कर्मी

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केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ नाहन में रैली निकालते सीटू कार्यकर्ता। - फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। केंद्रीय संयुक्त ट्रेड यूनियन और राष्ट्रीय फेडरेशन के संयुक्त मंच के आह्वान पर जिला मुख्यालय में वीरवार को सीटू के बैनर तले ट्रेड यूनियनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान ट्रेड यूनियनों ने शहर में सीटू महासचिव राजेंद्र ठाकुर की अगुवाई में शहर में रोष रैली भी निकाली, जो उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुई। यहां रोष प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त डॉ. आरके परूथी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। इसके माध्यम से आंगनबाड़ी, मिड-डे मील, आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी बनाने, मजदूरी विरोधी कानूनों को वापस लेने, नए किसान बिल को वापस लेने, ठेकेदारी प्रथा, आउटसोर्स प्रणाली और सरकारी अनुबंध खत्म करने, उच्चतम न्यायालय के फैसले अनुसार सभी को समान वेतन देने, डिपुओं में राशन व्यवस्था मजबूत करने, सभी मजदूरी को पेंशन सुविधा देने, मनरेगा मजदूरों को दो सौ दिन काम देने, निर्माण मजदूरों को तीन हजार रुपये मासिक पेंशन देने, स्ट्रीट वेंडर एक्ट को सख्ती से लागू करने, यूनियनों का पंजीकरण सरल तरीके से करने, सेवाकाल के दौरान मृत कर्मचारी के आश्रितों को बिना शर्त अविलंब नौकरी देने, महिला कर्मचारियों को दो वर्ष की चाइल्ड केयर लीव देने, कर्मचारियों को 50 वर्ष की आयु और 33 वर्ष पूरे होने पर जबरन सेवानिवृत्त करना बंद करने की मांग की। इस मौके पर इंटक अध्यक्ष सुभाष शर्मा, एटक से पूर्ण चंद, सुखविंद्र सिंह, जनवादी महिला समिति सहित सीटू समर्थित आंगनबाड़ी, मिड डे मील वर्कर मौजूद रहीं।
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