सराहां (सिरमौर)। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बीच पच्छाद इलाके में नगदी फसलें ब्लाइट रोग की चपेट में आ गई हैं। टमाटर और शिमला मिर्च की फसल के रोग में चपेट में आ जाने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है।
क्षेत्र के किसानों को दोहरी मार पड़ रही है। पहले ही किसान फसलों को बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे। अब ब्लाइट रोग ने उनकी कड़ी मेहनत पर पानी फेर दिया है। इन दिनों टमाटर व शिमला मिर्च के दाम किसानों को अच्छे मिल रहे, लेकिन लगातार बारिश से पैदा हुए रोग ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
जिला सिरमौर के पच्छाद क्षेत्र में टमाटर और शिमला मिर्च की फसल 30 से 35 फीसदी फसल रोग की चपेट में हैं। इस विधानसभा क्षेत्र के लानाबाका, बसाहां, बागथन, बघार, शेखरा, कनुथ, सैर, आंजी, बांजन, चलोग, बनाड, काहन, बनाहां की सेर, सराहां, बाग पशोग, धारयार, डिंगर किन्नर, धार टिक्करी, जयहर व नैना टिक्कर आदि में फसल को ब्लाइट रोग लगा है।
इस रोग से पौधे सूखने शुरू हो गए हैं या फिर फसल सड़कर खेतों में गिरनी शुरू हो गई हैं। किसान नागेंद्र सिंह, शमशेर ठाकुर, अमित चौहान, बलदेव सिंह, प्रेम सिंह, नरेश कुमार, तेजवीर व सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी फसल रोग की चपेट में है। टमाटर के साथ शिमला मिर्च को भी नुकसान पहुंच रहा है। किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि इस बार टमाटर व शिमला मिर्च के अच्छे दाम मिल रहे थे, लेकिन अचानक क्षेत्र में लगातार पांच दिन तक भारी बारिश ने फसलों को नष्ट कर दिया है। ब्लाइट रोग कुछ हिस्से से शुरू होकर तेजी से पूरे खेत को चपेट में ले रहा है।
दीगर हो कि पच्छाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर टमाटर व शिमला मिर्च का उत्पादन किया गया है। अधिकतर किसान इन्हीं फसलों के सहारे अपने व अपने परिवार की आजीविका चलाते हैं। इस बार लगातार किसानों को वर्षा की मार झेलनी पड़ रही है।
उधर, कृषि विभाग के विशेषज्ञ डॉ. एचएल आजाद ने बताया कि पच्छाद क्षेत्र में लगी टमाटर व शिमला मिर्च में नगदी फसलों में ब्लाइट रोग लगा है। विभाग प्रगतिशील किसानों से इस विषय को लेकर बात कर रहा है। किसान इस रोग को रोकने के लिए रिडोमिल ढाई ग्राम प्रति लीटर घोलकर छिड़काव करें।