राहत : जलशक्ति विभाग ने 10 साल पहले बनाईं दो योजनाओं को किया चालू, जल्द होंगी शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। जलशक्ति विभाग ने दस साल पहले बनाईं दो पेयजल योजनाओं को अब शुरू कर दिया है। योजनाओं का सफल परीक्षण होने से आधा दर्जन से अधिक गांवों के डेढ़ हजार लोगों को स्वस्छ पेयजल मिल सकेगा। ये योजनाएं कई कारणों से शुरू नहीं हो पाई थीं।
जानकारी के अनुसार जल शक्ति विभाग के राजगढ़ मंडल के अंतर्गत आने वाली प्रवाह पेयजल योजना कोट ढांगर और उठाऊ पेयजल योजना भल्टा मच्छेर का निर्माण वर्ष 2012-13 में किया गया था। प्रवाह पेयजल योजना कोट ढांगर का निर्माण करीब 90 लाख रुपये की लागत से हुआ था, लेकिन मुख्य स्रोत में पानी कम होने से यह योजना बंद पड़ी थी। कार्य निरीक्षक नंदा राम ने बताया कि राजगढ़ में जलशक्ति मंडल पुन: प्रारंभ होने पर यहां तैनात अधिशासी अभियंता डाॅ. मनदीप गुप्ता ने इन योजनाओं की सुध ली और विभाग ने इसके सुधारीकरण की योजना बनाई। इसके लिए पानी की व्यवस्था उठाऊ पेयजल योजना के अंतर्गत की गई और कोट व ढांगर गांव के साथ-साथ इसमें कोलन, बैरिया व ठौड़ गांवों को भी जोड़ा गया। करीब दस लाख अतिरिक्त खर्च करके इस योजना का सुधारीकरण किया गया है। जल्द ही यह योजना शुरू हो जाएगी। इससे हजार लोगों को पानी मिलेगा।
वहीं दूसरी योजना उठाऊ पेयजल भल्टा मच्छेर भी 2013 में करीब 75 लाख रुपये की लागत से निर्मित की गई, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते शुरू नहीं हो पाई। अब इस योजना के सुधारीकरण पर भी दस लाख रुपये खर्च किए गए। योजना का सफल परीक्षण भी किया जा चुका है। यह भी जल्द शुरू कर दी जाएगी। इससे करीब साढ़े सात सौ लोग लाभान्वित होंगे।
कोट
अधिशासी अभियंता डाॅ. मनदीप गुप्ता ने बताया कि उन्होंने ऐसी बंद योजनाओं पर ध्यान दिया तो पता चला कि इन योजनाओं के पंप चोरी हो चुके हैं। कई पाइप ढूंढने पड़े हैं। इन पर विभाग वर्षों पहले लाखों रुपये खर्च कर चुका है, लेकिन वह चालू नहीं हो पाई हैं। इसके लिए विभाग ने प्रयास किए। स्रोत टैंकों की मरम्मत कर उन्हें पाइपों से जोड़ा। सुधारीकरण के प्राक्कलन बनाकर कार्य किया गया, जिसमें विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने सहयोग दिया। जल्द इन्हें विधिवत प्रारंभ कर दिया जाएगा।