नाहन। सुरला में शिवपुराण कथा के दौरान आचार्य साक्षी चैतन्य ने भगवान शिव के दिव्य स्वरूप और शिवभक्ति के विभिन्न आयामों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने शिवपुराण के प्रसंगों की सरल एवं प्रभावी व्याख्या करते हुए श्रद्धालुओं को भगवान शिव के लिंग स्वरूप के प्राकट्य की कथा सुनाई। आचार्य ने कहा कि सृष्टि के कल्याण और जीवों के आध्यात्मिक उत्थान के लिए भगवान शिवलिंग रूप में प्रकट हुए। शिवलिंग केवल पूजा का प्रतीक नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि और परम चेतना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि शिवलिंग की उपासना से व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति, मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। संवाद