नाहन (सिरमौर)। उत्तराखंड की सीमा से सटे बायला के जंगलों में यूपी की नाबालिग लड़की को पीटकर फेंकने का मामला उलझ गया है। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत लड़की ने अदालत में बयान दिया है कि वह स्वयं ही जंगलों में आ गई थी। लिहाजा इस मामले में पूछताछ के लिए थाना तलब किए गए लड़की के दोनों भाई और मामी को पुलिस ने छोड़ दिया है। जबकि नाबालिग को भी परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले यूपी के सहारनपुर की एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर जंगल में पीटकर फेंका गया था। किसी तरह से जान बचाकर आई लड़की ने पुलिस के समक्ष आरोप लगाया था कि उसे उसके भाई और मामा-मामी ने नशीले इंजेक्शन दिए। दवाई सुंघाई और फिर मारपीट कर जंगल में फेंक दिया। इस मामले में पुलिस ने पूछताछ के लिए लड़की के दोनों भाई और मामी को पूछताछ के लिए थाना भी लाया था।
सोमवार को पीड़ित लड़की के 164 के तहत अदालत में बयान करवाए गए, जहां अपने भाइयों व परिवार पर लगाए गए सभी आरोपों से नाबालिग लड़की ने किनारा करते हुए कहा कि उसके भाइयों का कोई दोष नहीं है।
एसपी सौम्या साम्बशिवन ने बताया कि पीड़िता ने 164 के तहत बयान में आरोप नहीं लगाए। लिहाजा, उसे परिजनों के हवाले किया गया। उन्होंने कहा कि अब यह केस रद्द कर दिया जाएगा।