पांवटा साहिब (सिरमौर)। अमरकोट पंचायत के साथ लगते वन क्षेत्र में सांगवान की कीमती लकड़ी पर वन काटुओं ने कुल्हाड़ी चला दी। वन विभाग के तैनात कर्मियों को भी वन काटू गच्चा दे गए हैं। करीब आधा दर्जन सांगवान के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी गई। ताज्जुब है कि लाखों की लकड़ियों को ठिकाने भी लगा दिया गया लेकिन वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
क्षेत्र के जागरूक ग्रामीणों ने इस मामले को गंभीरता लेते हुए विभाग को सूचना दी है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि मामले पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद डीएफओ ने स्थानीय क्षेत्र के आरओ को मौके का निरीक्षण करने के आदेश देते हुए रिपोर्ट तलब की है।
ग्राम पंचायत अमरकोट के नंबरदार मेजर सिंह, करनैल सिंह, बलजीत सिंह, गुरमीत सिंह व सुरजीत ने कहा कि गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र के साथ जंबूखाला की दूसरी तरफ रिजर्व फोरेस्ट क्षेत्र पड़ता है। इस वन क्षेत्र में साल व सांगवान के पेड़ लगे हैं। पिछले काफी अर्से से जंगल क्षेत्र वन काटुओं के निशाने पर हैं। इसलिए वन संपदा को बचाने के लिए जागरूक ग्रामीणों ने भी चौकस निगरानी रखनी शुरू कर दी है। संदेह होने पर ग्रामीणों ने इस क्षेत्र का दौरा किया। मौके पर करीब आधा दर्जन सांगवान के पेड़ अवैध रुप से काटे हुए मिले। इनमें से कुछ की लकड़ी तो ठिकाने लगा दी गई है। कुछ मौके पर भी पड़ी है।
ग्रामीणों की सूचना पर ‘अमर उजाला’ टीम ने मौके का दौरा किया। इस दौरान आरएफ क्षेत्र में सांगवान के पेड़ों की अवैध कटान की सूचना सही निकली। मौके पर कुछ नए तथा पुराने पेड़ों के मुंडिया-ठूंठ मिले। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ पेड़ पहले काट कर इनकी ठूंठ को भी जलाने या मिट्टी से दबाने के प्रयास किए हैं। ग्रामीणों ने चेताया है कि शिकायत के बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो विरोध किया जाएगा। इसकी शिकायत वन मंत्री हिमाचल प्रदेश व शिमला वन विभाग अधिकारियों को भी भेजी जा रही है जिससे अमूल्य वन संपदा को वन काटुओं से बचाया जा सकें।
उधर, डीएफओ पांवटा एसएस राणा ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। डीएफओ ने कहा कि सूचना मिलने पर स्थानीय आरओ को मौके पर भेज दिया गया है। क्षेत्र में यदि कोई अवैध वन कटान हुआ है, तो इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।