पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा में कथित तौर पर बच्चा बदलने के मामले में फिर से डीएनए सैंपल लिए गए हैं। पहले भेजे गए सैंपल रुईं पर लेकर भेज दिए थे जिस पर ऑब्जेक्शन लग गया है। लिहाजा, अब दिशा निर्देश के अनुसार नए सिरे से ब्लड सैंपल लिए गए हैं। एफटीए कार्ड पर ब्लड सैंपल लेकर जुन्गा लैब को भेज दिए गए हैं। एफएसएल के एफटीए कार्ड पर सिकरेट कोड होते हैं जिससे सैंपल बदलने की संभावनाएं नहीं रहती है। अब डीएनए टेस्ट रिपोर्ट आने पर मामले का खुलासा हो सकेगा।
गौरतलब है कि 15 फरवरी को चौपाल के ग्राम विगरोली निवासी जगदीश चंद पुत्र नैन सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई थी जिसमें आरोप लगाया था कि 13 फरवरी को पांवटा अस्पताल में पत्नी को लेकर पहुंचे। उसी रात करीब को 12 बजे डिलीवरी हुई। आरोप है कि डिलीवरी के 5 घंटे तक नवजात बच्चा लड़का है या लड़की जानकारी मिली। 14 फरवरी को सुबह करीब 5 बजे बच्ची थमा दी गई। जगदीश को तब संदेह हुए जब, अस्पताल की डिस्चार्ज स्लीप मिली। डिस्चार्ज स्लिप पर मेल शिशु लिखा है। फिर, कटिंग कर मेल की जगह फीमेल लिखा मिला। फिर, बुधवार, 15फरवरी को एसपी व डीएसपी पांवटा को लिखित शिकायत भेज दी। मामला दर्ज होते ही आईओ नौखराम की टीम ने जांच शुरू की। दंपति व बच्ची के ब्लड सैैंपल लिए। सैंपल जुन्गा एफएसएल लैब जांच को भेजे दिए थे लेकिन सैंपल पर ऑब्जेक्शन लग गया। सैंपल रुई पर लेकर भेजे गए थे जिसकी बदलने की संभावनाएं रहती हैं।
अब, एफएसएल लैब द्वारा भेजे गए सिकरेट कोर्ड वाले एफटीए कार्ड पर सैंपल मांगे गए हैं। इसके बाद शुक्रवार को पांवटा पुलिस टीम ने दंपति व बच्ची के नए सिरे से ब्लड सैंपल लिए हैं। जो लैब के मानकों व तय नियमानुसार सील बंद कर भेजे गए। उधर, एसएचओ पांवटा अशोक चौहान ने पुष्टि की है। एफएसएल लैब के नियमानुसार दंपति व बच्ची सैंपल लेकर भेजे जा रहे हैं। डीएनए टेस्ट रिपोर्ट मिलने पर इस मामले की जांच आगे बढ़ेगी। -------------------------