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महिला हिंसा रोकने में पुलिस प्रशासन नाकाम : संतोष कपूर

Tue, 07 Jun 2016 11:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पांवटा साहिब (सिरमौर)
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एसपी सौम्या साम्बशिवन ने स्वयं मौके पर आकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर लोग सड़क से हटे। हत्या के इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है। लेकिन, लोगों को शक है कि यह गैंगरेप का मामला है। - फोटो : अमर उजाला
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नाहन (सिरमौर)। जिला में एक के बाद एक सामने आ रहे महिला यौनाचार के मामलों पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने कड़ा रुख इख्तियार करते हुए सरकार, जिला प्रशासन व पुलिस विभाग को कटघरे में खड़ा किया है।
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समिति का आरोप है कि अपराधियों के मन में पुलिस व प्रशासन का जो डर होना चाहिए था वो नहीं रहा जिसके कारण सिरमौर में महिला हिंसा की गतिविधियां बढ़ गई हैं। नाहन में प्रेस से बातचीत के दौरान समिति की राज्याध्यक्ष संतोष कपूर ने कहा कि सिरमौर में बच्चियों व युवतियों का घर से निकलना दुभर हो गया है। बच्चियों व कामकाजी युवतियों का दुष्कर्म करते हुए उनकी हत्या तक की जा रही है।


 बाइला के जंगल में जिस युवती को दुष्कर्म के बाद हत्या कर जमीन में गाड़ा गया वो घर से काम के लिए निकली थी। काम कर अपने परिवार का पेट पाल रही थी। वहीं संगड़ाह में अध्यापक के दुष्कर्म का शिकार हुई नाबालिग छात्रा एक बच्चे की मां बन चुकी है। पांवटा में भी एक महिला अध्यापिका की दुराचार के बाद हत्या कर दी गई।
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संतोष कपूर ने कहा कि इससे पूर्व भी कई दुष्कर्म के मामले सामने आ चुके हैं। पांवटा क्षेत्र में एक डॉक्टर के दुष्कर्म की शिकार महिला आज तक न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। जबकि आरोपी डॉक्टर खुलेआम घूम रहा है। कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ 376 का केस दर्ज किया गया, मगर पुलिस अब भी डॉक्टर को गिरफ्तार नहीं कर रही है। पुलिस की इसी लापरवाही के कारण आज अपराधियों के मन में कोई खौफ नहीं रह गया है। वो खुलेआम महिला हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं।
 उन्होंने कहा कि बाइला के जंगल में सामने आए युवती से दुष्कर्म व हत्या मामले में वहां के स्थानीय ग्रामीण जंगल में पुलिस गश्त की मांग बहुत पहले से उठा रहे थे। इसे नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि आज बच्चियों-युवतियों का स्कूल जाना व कामकाज करना मुश्किल हो गया है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं।
उन्होंने कहा कि जिला में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाया जाए। महिला हिंसा से जुड़े हर अपराधी को सख्त सजा दी जाए। यदि प्रशासन इसमें नाकाम रहता है तो समिति को सड़कों पर उतर कर इंसाफ मांगना पड़ेगा। इस मौके पर जिला सचिव अमिता चौहान व सीता तोमर भी उपस्थित रहीं।
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