संगड़ाह (सिरमौर)।लोगों की आस्था के प्रतीक चूड़ेश्वर महादेव के मंदिर चूड़धार में श्रद्धालुओं के साथ लूट हो रही है। आईपीएच द्वारा निर्मित एक मात्र चोरट खड्ड उठाऊ पेयजल योजना को बिना किसी खराबी के बंद कर दिया है। लिहाजा चूड़धार में भीषण पेयजल संकट पैदा हो गया है। हालत यह बनी हुई है कि पिछले लंबे समय से बारिश न होने के कारण चूड़धार में पानी की बावड़ी का जल स्तर भी काफी नीचे चला गया है।
बावड़ी में जितना पानी एकत्रित होता है उस पानी को ढाबे वाले भर लेते हैं। ढाबे वाले बावड़ी के पानी की बोतल 200 से 250 रुपये तक श्रद्धालुओं को बेच रहे हैं। इससे चूड़धार जाने वाले श्रद्धालुओं को पीने के पानी के गंभीर संकट से जूझना पड़ रहा है। पेयजल योजना के ठप होने से यात्रियों को जहां भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं, चूड़ेश्वर सेवा समिति ने पेयजल योजना को बंद करने पर कड़ा रोष प्रकट किया है। बर्फबारी व ठंड के अंदेशे के चलते मंदिर प्रशासन व चूड़ेश्वर सेवा समिति ने चूड़धार यात्रा पर 20 नवंबर से पहले ही रोक लगा दी है। समिति ने वहां पर लंगर सेवा भी बंद कर दी है। उसके बावजूद भी मौसम साफ रहने के कारण वहां पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। 250 से 300 यात्री रोजाना चूड़धार पहुंच रहे हैं।
मंगलवार को चूड़धार पहुंचे कांडा वनाह पंचायत के उपप्रधान दलीप सिंह, बलीराम, गंगाराम, लायकराम, हीरा सिंह, बीरबल, नरेंद्र धिरटा, नरेश धिरटा, दीपराम कांटा, हुकम चंद, मोहर सिंह व रमेश आदि श्रद्धालुओं ने बताया कि चूड़धार में पीने का पानी न मिलने के कारण उन्हें ढाबों से 200 से 250 रुपये में पानी की बोतलें खरीदनी पड़ीं। उन्होंने बताया कि पानी न होने के कारण वहां पर बने शौचालयों में गंदगी का आलम है। पीने के अलावा शौचालय में जाने के लिए भी उन्हें महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ा।
चूड़ेश्वर सेवा समिति की केंद्रीय इकाई के अध्यक्ष बलदेव चौहान ने चोरट उठाऊ पेयजल योजना को बंद करने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि पेयजल योजना के बंद किए जाने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से पेयजल योजना को जल्द चालू करने की मांग की है।
उधर, आईपीएच विभाग के उपमंडल कार्यालय कुपवी में कार्यरत जेई प्रेम सिंह राठौर ने बताया कि चूड़धार में तापमान में आई भारी गिरावट के कारण रात को पाला जम रहा है। इससे योजना के पंप व मशीनों में खराबी आने का खतरा बढ़ गया है। लिहाजा योजना को अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया है।
उधर, उपायुक्त बीसी बडालिया ने कहा कि इस संदर्भ में उन्हें न तो कोई सूचना मिली है और न ही कोई शिकायत। यदि ऐसा है तो डीसी शिमला से बात कर मसले को सुलझा लिया जाएगा।