नाहन-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर मोगीनंद के समीप कौन कारतूसों का जखीरा फेंक कर चला गया। सिरमौर पुलिस के लिए फिलहाल यह मामला एक पहेली बनकर रह गया है। बहरहाल, पुलिस ने कारतूसों का जखीरा जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है। फोरेंसिल लैब की रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा कि यह कारतूस किसके हैं और कहां से लाकर यहां फेंके गए।
गौरतलब है कि शुक्रवार को कालाअंब पुलिस ने मोगीनंद के समीप राईफल के कारतूस बरामद किए थे। 13, 32 और 38 बोर के इन कारतूसों में कई जंग खा चुके हैं। कारतूसों की कुल संख्या 293 है। हालांकि, मामले को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है। कयास लगाए जा रहे हैं कि हथियारों का कारोबार करने वालों ने ही यह जखीरा यहां फेंका होगा लेकिन आतंकी गतिविधियों के लिए इस तरह के हथियार होने की आशंका भी लोग जता रहे हैं।
हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक की तफतीश में इस तरह के संकेत नहीं मिले हैं। लिहाजा, पुलिस की जांच इसी ओर मुड़ी है कि हथियार का कारोबार करने वाले किसी व्यक्ति ने इसे यहां डंप किया होगा।
एएसपी विनोद धीमान ने बताया कि कौन इसे यहांफेंक कर गया। इसका फिलहाल पता नहीं चला है। फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही इसका पता चल सकेगा। उन्होंने आतंकी गतिविधियों की आशंकाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो सकता। कारतूसों की बरामदगी को इस तरह की बड़ी वारदातों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।