शिलाई (सिरमौर)।वन आरक्षित भूमि पर खड़े मकान को वन विभाग की टीम द्वारा गिराए जाने के बाद इसे दोबारा तैयार करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। विभाग की टीम ने मौके का मुआयना कर फिर से अवैध निर्माण को फिर गिरा दिया। यही नहीं विभाग की टीम ने कब्जाई गई भूमि को भी अपने कब्जे में ले लिया।
जानकारी के अनुसार नाया पंजोड़ पंचायत के गांव धुंडवी निवासी राजू ने पांच बीघा 11 बिस्बा भूमि पर कब्जा किया हुआ था। इस भूमि पर राजू ने मकान तक निर्मित कर लिया था। वन विभाग को खबर होने पर विभागीय अधिकारियों ने पुलिस की सहायता से अक्तूबर माह में मौके पर यहां निर्मित मकान को गिरा कर राजू को बेदखल कर दिया। इसके बाद बेदखल किए व्यक्ति ने फिर से जमीन पर कब्जा जमा लिया।
राजू ने गिराए गए मकान के मलबे से पुन: मकान खड़ा कर दिया। इसकी भनक जैसे ही विभाग को लगी, विभाग की टीम ने मंगलवार को मौके का मुआयना किया और फिर से निर्मित किए मकान को गिरा कर कब्जाई गई भूमि को अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि इस दौरान विभागीय कार्रवाई को कुछ लोगों ने बाधित करने का प्रयास भी किया, लेकिन संघर्ष के बाद विभागीय अधिकारियों ने भूमि पर कब्जा जमा लिया।
क्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी विद्या सागर ने बताया कि घुंडवी निवासी राजू पुत्र घनाराम ने पांच बीघा 11 बिस्वा जमीन पर कब्जा किया था। बीते माह अक्तूबर में विभाग ने इसे बेदखल कर दिया था लेकिन मकान गिराने व बेदखली के बाद राजू ने दोबारा मकान तैयार कर लिया। विभाग ने फिर से कार्रवाई कर अवैध निर्माण को गिरा दिया है।
उन्होंने बताया कि बेदखली के दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई में दखल डालने का भी प्रयास किया, लेकिन विभाग ने मकान को गिराकर कब्जाई गई भूमि को अपने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने बताया कि अवैध कब्जाधारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। वन भूमि कब्जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।