पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल किसान सभा व भूमिहीन किसानों का पांवटा में धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान दशकों से अपने मालिकाना हक की आवाज बुलंद की गई। मिनी सचिवालय पांवटा परिसर के बाहर दर्जनों भूमिहीन किसानों ने बुधवार को भी धरना जारी रखा। धरना प्रदर्शन पर बैठे हिमाचल किसान सभा, भूमिहीन कब्जाधारी, पट्टेदार, उप समिति पांवटा कमेटी सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।
हिमाचल किसान सभा के नेता ओम प्रकाश व गुरविंद्र सिंह ने कहा कि दो हजार के करीब भूमिहीन परिवार है। इनमें से दशकों से आठ सौ परिवार जंगलात भूमि और 1200 परिवारों ने सरकारी भूमि पर कब्जा किया है। उन्होंने कहा कि कई बार विभाग ने नोटिस जारी कर ऐसे परिवारों की जबरन बेदखली कराने के प्रयास किए हैं। प्रदेश सरकार ने 5 बीघा भूमि तक के कब्जे बहाल करने की अनुमति प्रदान की है। इसलिए मांग रखी गई है कि आचार संहिता लगने से पहले कब्जे बहाल कर दिए जाएं ताकि भूमिहीनों, गरीब, सीमांत किसानों के कब्जे नियमित हो सकें। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बैठक में कई फैसले लिए गए थे। मंगलवार को बैठक के बाद दो दिवसीय धरने पर बैठने का फैसला लिया गया है। इस मौके पर भूमिहीन किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एक मांग पत्र एसडीएम पांवटा व विधायक चौधरी किरनेश जंग को भी सौंपा।
इस मौके पर ओम प्रकाश, गुरविंद्र सिंह, नेहा, सुनीता, संदीप कुमार, सिंगा राम, अली हसन, रामकुमार, काबुल दीन, रामकुमार, फैज मोहम्मद, सैफूखान, मोहम्मद अली, सलीन, सागर, केदार सिंह, बलबीर सिंह, रति राम, संदीप कुमार, लायक राम, रमेश चंद, मोहर सिंह, रामलाल, जमिला, शोकल अली, अरविंद सिंह, फैज मोहम्मद, सलीम, रतिदास, तारो देवी, किरणबाला, जवंती, कुसुम, विद्या देवी, दर्शनी, संतोष व वकिजा आदि भूमिहीन परिवारों के लोग उपस्थित रहे।