शिलाई (सिरमौर)। शिलाई वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कांडो-भटनोल पंचायत के भटनोल जंगल में देवदार के हरे-भरे पेड़ों पर आरी चल गई है। देवदार के बड़े-बड़े पेड़ों को काटकर दिन-दिहाड़े धराशाही कर दिया। मौके पर तीन पेड़ काटे गए हैं। इनके 32 मोछे विभाग ने सीज कर दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि वन विभाग की टीम ने कुछ मजदूरों को पेड़ काटते हुए देख भी लिया। इससे पहले कि वह दबोच लिए जाते, वह फरार हो गए। वन विभाग ने इस संदर्भ में पुलिस में भी मामला दर्ज करवाया है। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन में जुट गई है। अवैध रूप से काटी गई लकड़ी की कीमत लगभग सवा चार लाख रुपये आंकी गई है।
सिरमौर में वन काटुए सक्रिय हो गए हैं। दो रोज पहले पांवटा पुलिस ने राज्य से बाहर ले जाई जा रही खैर से भरी एक गाड़ी को जब्त किया है। शातिर सब्जी के नीचे लकड़ी छुपाकर हरियाणा ले जा रहे थे। ताजा घटनाक्रम में शिलाई में देवदार के पेड़ों पर आरी चली है। दिनदहाडे़ कुछ लोगों ने देवदार के लगभग पांच पेड़ों को काटकर धराशाही कर दिया। वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो मजदूर वहां से फरार हो गए। वन विभाग के अनुसार मजदूर किसी ठेकेदार के यहां काम करते थे जिसकी तलाश की जा रही है।
वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी विद्यासागर ने बताया कि अज्ञात लोगों ने पेड़ों को कटा दिया है। मौके से विभाग ने कुल 32 मोछे बरामद किए हैं। पेड़ों को काटने वालों की तलाश की जा रही है। उधर, वन परिक्षेत्र अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने भादंसं की धारा 379 और वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दिए बयान में वन परिक्षेत्र अधिकारी ने कहा है कि चौकीदार ने अवैध रूप से काटे गए पेड़ों की सूचना विभाग को दी। जांच पर पाया गया कि आरक्षित वन भटनोल सी-5 में तीन पेड़ देवदार के काटे गए हैं। मौके पर तीनों पेड़ के कुल 32 नग सीज किए गए हैं जिनकी कीमत करीब 4,31,482 रुपये आंकी गई है। एएसपी विनोद धीमान ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।
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