नाहन (सिरमौर)। हिमाचल बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन किरण धांटा की अगुवाई वाली टीम इन दिनों सिरमौर जिले के दौरे पर है। विभिन्न स्कूलों के निरीक्षण के दौरान जहां बाल अधिकार के बारे जागरूक किया जा रहा है वही स्कूलों की कमियों को दूर करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान जिले के एक निजी शिक्षण संस्थान में डम्मी एड्मिशन का भी मामला सामने आया है जिस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्होंने उप निदेशक को डम्मी एड्मिशन रोकने के आदेश दिए हैं। संस्थान को भी सख्त हिदायत दी गई है कि पुन: ऐसा न हो, अन्यथा उनकी एफिलेशन रद्द करवाने की भी संस्तुति की जाएगी।
आयोग की टीम में चेयरपर्सन के अलावा सदस्य (शिक्षा) डॉ. रोशन लाल व सदस्य(जेजे) आशुतोष गुप्ता, अनुभाग अधिकारी बीडी धीमान आदि शामिल हैं। सोमवार को सिरमौर के दौरे पर पहुंची टीम ने विभिन्न निजी शिक्षण संस्थानों के अलावा कोचिंग सेंटरों का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा कई सरकारी स्कूलों में भी जाकर बच्चों और अध्यापकों से बाल अधिकार संरक्षण बारे जानकारी दी।
धांटा ने बताया कि एक शिक्षण संस्थान के बच्चे स्कूल समय के दौरान कोचिंग सेंटर में शिक्षा ग्रहण करते हुए पाए गए। उनसे जब बातचीत की गई तो पता चला कि उनकी एड्मिशन दो-दो जगह हुई हैं यानी स्कूल में उनकी एड्मिशन है और पढ़ाई कोचिंग सेंटर में चल रही है।
उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से डम्मी एड्मिशन का मामला है। इस बारे उप निदेशक शिक्षा को आदेश दिए गए हैं कि इसे बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रचलन बंद नहीं हुआ तो ऐसे संस्थानों की एफिलेशन रद्द करवाई जाएगी। उधर, मंगलवार देर शाम यह टीम पांवटा क्षेत्र से सटी बंगाला बस्ती में पहुंची जहां पर स्कूल नहीं जा रहे बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की गई। ऐसे बच्चों के लिए अलग से आयोग केंद्र चलाने बारे भी विचार कर रहा है।