पांवटा साहिब (सिरमौर)। रात दो बजे एक घर में नकाबपोश डकैत दाखिल हुए। बुजुर्ग की कनपटी पर पिस्टल रखी और कहा, मामा पीसे दो पीसे....। जब कहा कि घर में पैसे कौन रखता है तो एक ने कहा तुम्हारे पास पांच गाड़ियां हैं।
तीन युवक हरियाणवी में बोल रहे थे तो एक स्थानीय लग रहा था। भूंगरनी डकैतों का डकैती डालने का यह स्टाइल इसी ओर इशारा कर रहा है कि कोई स्थानीय व्यक्ति इस वारदात में संलिप्त है। कोई भेदी है जिसे घर की पूर जानकारी है। एक युवक अलमारी की ओर नजरे गढ़ाए हुए थे। मानों उसे पूरा पता हो कि यहीं पर नकदी और आभूषण रखे हुए हैं।
पड़ोसी राज्य से लगते भूंगरनी गांव में आसानी से डकैत दाखिल होते हैं। घर का सारा सामान लूटते हैं और फिर फरार हो जाते हैं। पीड़ित ठेकेदार मंजूर हसन व सलमा ने कहा कि 4 नकाबपोश थे। इसमें दो के हाथ में बंदूक (देेसी कट्टा) व दो के पास लोहे की रॉड थी। डकैतों ने जींस पहनी थी। हाथ पांव काफी गंदे थे। तीन लोगों की भाषा हरियाणवी थी। रात करीब दो बजे कमरे में पहुंचते ही बिजली का स्विच स्वयं ऑन किया। इसके बाद बंदूक तान दी।
सलमा ने शोर मचाने का प्रयास किया तो एक डकैत ने रॉड से बाजू पर प्रहार किया। फिर, गला दबाने की कोशिश भी की गई। तीन लोग हरियाणवी सी भाषा बोल रहे थे। सलमा ने कहा कि एक डकैत की भाषा स्थानीय सी लग रही थी।
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परिवार की सुरक्षा के चलते चुपचाप दी चाबी
भूंगरनी गांव निवासी खुशबू का कहना है कि नकाबपोशों ने माता-पिता की कनपटी पर बंदूक तान रखी थी। उसने एक से बंदूक छिनने का प्रयास किया। डकैत ने भी बंदूक चलाने का प्रयास किया लेकिन डकैतों की संख्या 4 थी। वह कुछ नहीं कर पाई। नकाबपोश हथियारों से लैस थे। उनसे भिड़ना परिवार के सदस्यों को जानलेवा हो सकता था। इसलिए ठेकेदार ने विरोध कर रही बेटी व पत्नी की तरफ चुप होने का संकेत करते हुए अलमारी की चाबी डकैत को सौंप दी।