अमर उजाला ब्यूरो
नाहन/ पांवटा साहिब (सिरमौर)। चार दिन बाद भी सिरमौर के मेलियों गांव के धार्मिक स्थल में पवित्र पुस्तकें जलाने के आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। डीएसपी पांवटा के नेतृत्व में गठित एसआईटी मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
अब तक 250 लोगों से पूछताछ हुई है, जबकि 150 के करीब लोगों के फिंगरप्रिंट लिए गए हैं। वारदात के विरोध में शुक्रवार को नाहन में लगभग एक हजार लोग नाहन शहर में शांति मार्च निकालेंगे। ऑल इंडिया मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी ने इस संदर्भ में उपायुक्त सिरमौर को पत्र सौंपकर पहले ही जानकारी दी है। उधर, पांवटा में भी बैठक आयोजित कर समुदाय के लोग रणनीति बनाएंगे।
बता दें कि रविवार रात माजरा पंचायत के मेलियों में शरारती तत्वों ने धार्मिक स्थल की पवित्र पुस्तकों को जलाने की हिमाकत की थी। आस्था से जुड़ा होने के चलते यह मामला काफी संवेदनशील है। हालांकि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग जांच प्रक्रिया से खुश नजर नहीं है।
ऑल इंडिया मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष नसीम मोहम्मद दीदान ने बताया कि शुक्रवार को धार्मिक स्थल पर पवित्र पुस्तकें जलाने के विरोध में लोग शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेंगे। कच्चा टैंक नाहन से दोपहर दो बजे यह शांति मार्च शुरू होगा। मेन मार्किट, बड़ा चौक, गुन्नुघाट, मालरोड, दिल्ली गेट, गुरुद्वारा से लोनिवि रेस्ट हाऊस होते हुए यह मार्च डीसी कार्यालय पहुंचेगा जहां पर डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि रैली में लगभग एक हजार लोग शामिल होने की संभावना है।
उधर मुस्लिम समुदाय के नेता नजाकत अली हाशमी व मिसरवाला बीडीसी सदस्य फरीज खान ने कहा कि शुक्रवार को मेलियों में समुदाय के लोगों की अहम बैठक हो रही है। इस बैठक में बुधवार को डीआईजी दक्षिण रेंज आसिफ जलाल, डिवीजनल कमिश्नर आरएन बत्ता, उपायुक्त सिरमौर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक में हुई चर्चा के बारे में जानकारी दी जाएगी। बैठक में सब की सहमति से ही कोई रणनीति बनेगी।