अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। सिविल अस्पताल ददाहू में एक कर्मचारी द्वारा कथित तौर पर किए गए घोटाले व फर्जी मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने की विभागीय जांच शुरू हो गई है। सीएमओ नाहन डॉ. संजय शर्मा ने इसके आदेश दिए हैं। विभाग के सहायक नियंत्रक वित्तीय एवं लेखा अधिकारी जोगेंद्र चौहान को इसका जिम्मा सौंपा गया है। जबकि डाटा एंट्री ऑपरेटर ने घोटाले के तमाम आरोपों को निराधार बताते हुए विभाग को कहा है कि उन्होंने इस तरह का कोई कार्य नहीं किया है।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के सहायक नियंत्रक वित्तीय एवं लेखा अधिकारी जोगेंद्र चौहान व अधीक्षक साहिब आलम ने सिविल अस्पताल ददाहू में पहुंच कर इस मामले की जांच की और ददाहू अस्पताल का रिकार्ड भी खंगाला। विभाग इस मामले में अभी अपने स्तर पर छानबीन कर रहा है।
सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि संबंधित डाटा ऑपरेटर के विरुद्ध विभागीय जांच बिठा दी गई है। यदि आवश्यकता पड़ी तो इस मामले में डाटा ऑपरेटर के विरुद्ध मामला भी दर्ज करवाया जाएगा।
उधर, सिविल अस्पताल ददाहू के प्रभारी डॉ. रोहित कपूर ने बताया कि संबंधित कर्मचारी ने विभाग को दिए अपने स्पष्टीकरण में किसी भी तरह का घोटाला करने से साफ इंकार किया है लेकिन शिकायत के आधार पर विभागीय जांच की जा रही है। जबकि जांच अधिकारी जोगेंद्र चौहान ने बताया कि शिकायतकर्ता व आरोपी कर्मचारी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने झूठा मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर पैसा ऐंठने का आरोप लगाया है। जबकि कर्मचारी इन सभी आरोपों से अपना पल्ला झाड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि वह अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ डॉ. संजय शर्मा को सौंपेंगे। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर डॉ. रोहित कपूर, डॉ. अमित गोयल व डॉ. विनोद तोमर मौजूद रहे।
----फर्जी प्रमाण पत्र मामले में विभागीय जांच शुरू
सीएमओ डॉ. संजय शर्मा सिरमौर ने जांच को बनाई टीम
डाटा ऑपरेटर का घोटाले से साफ इंकार