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कड़ाके की ठंड में दो घंटे ठिठूरते रहे यात्री

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अमर उजाला ब्यूरो
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नाहन (सिरमौर)।
इमरजेंसी नंबर, टोल फ्री नंबर पर फोन करेंगे तो तुरंत सहायता मिल जाएगी। सरकार और प्रशासनिक अधिकारी अक्सर यह दावे करते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर सच्चाई कुछ और ही है। इमरजेंसी में लोगों को तुरंत सेवा नहीं मिल पाती।

रविवार शाम ऐसा ही देखने को मिला। दरअसल, शिमला-नाहन सड़क मार्ग पर सैन की सेर के समीप शाम करीब पौने छह बजे एचआरटीसी की बस और एक मारुति बैन की टक्कर हो गई। हालांकि, हादसे में किसी को गंभीर चोटें नहीं आई लेकिन बस में सफर कर रहे 20 से अधिक लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुर्घटना के बाद बार-बार संपर्क करने पर भी दूसरी बस नहीं आई जिस वजह से यात्री लगभग दो घंटे तक कड़ाके की ठंड में ठिठूरते रहे।
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जानकारी के अनुसार नाहन से सराहां की तरफ जा रही एचआरटीसी की बस के साथ रविवार शाम करीब पौने छह बजे बैन के साथ टक्कर हो गई। इसके बाद काफी देर तक दोनों पक्षों में विवाद होता रहा। पुलिस को सूचना दी गई तो पुलिस भी काफी देर के बाद मौके पर पहुंची। उस वक्त घना कोहरा छाया हुआ था। तापमान लुढ़कने के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही थी।

यात्री अनिल का कहना है कि इस दौरान एचआरटीसी के बस स्टैंड के नंबर पर फोन किए गए लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अधिकारियों के मोबाइल पर भी संपर्क किया गया लेकिन फोन ही रिसीव नहीं हुए जिस वजह से वह कड़ाके की ठंड में ठिठूरने को विवश हो गए। दो घंटे तक उन्होंने बस का इंतजार किया। करीब आठ बजे दूसरी बस आई, तब कहीं जाकर राहत मिली।
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उधर, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक रसीद शेख ने बताया कि त्रिलोकपुर से सराहां के लिए चली बस में भी तकनीकी खराब आई थी। दो-दो बसों के एक साथ ब्रेक डाउन होने से दिक्कतें हुईं। जैसे ही उन्हें सूचना मिली दूसरी बस भेजकर यात्रियों की व्यवस्था कर दी गई थी। यहां तक कि उन्होंने त्रिलोकपुर के लिए अपना निजी वाहन भी भेजा।
 
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