अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट (सीजेएम) नाहन अबीरा बासू की अदालत ने मां के सामने एक बच्ची के अपहरण के प्रयास का अभियोग साबित होने पर दोषी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को दस हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में दोषी को दो वर्ष कैद भोगनी होगी।
उप जिला न्यायवादी गीतांजली गोयल ने अदालत में मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि दो जून 2015 को आरोपी कमल शर्मा पुत्र बाबू राम निवासी शरली शनाड़ी ने एक बच्ची के अपहरण का प्रयास किया था। उस वक्त बच्ची की मां भी वहीं पर थी। बच्ची को कुछ पैसों का लालच देकर वह अपने साथ ले जाने वाला था लेकिन उसे दबोच लिया गया।
यह घटना शाम करीब आठ बजे की थी। अभ्यकांत ने स्थानीय थाना में इसकी शिकायत दर्ज करवाई थी जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तमाम छानबीन के बाद अदालत में इसका चालान पेश किया। उप जिला न्यायवादी गीतांजली गोयल ने सबूतों और गवाह की बिनाह पर अदालत में यह अभियोग साबित कर दिखाया। उन्होंने बताया कि अदालत ने आरोपी को सात साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। जबकि उसे दस हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। उन्होंने बताया कि जुर्माना नहीं देने की सूरत में दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
---बच्ची के अपहरण के प्रयास पर सात साल की कैद
सीजेएम कोर्ट नाहन की अदालत ने सुनाया फैसला,
दोषी को किया 10 हजार जुर्माना
दो साल पहले एक बच्ची का किया था अपहरण