अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
गिरिपार क्षेत्र के शिलाई में नाबालिग का स्टेयरिंग पकड़ना महंगा पड़ गया। नाबालिग के गाड़ी चलाने पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पांवटा कोर्ट नंबर-दो की अदालत ने गाड़ी के मालिक और जमानती से एक-एक लाख रुपये का बांड भरवाया है।
गाड़ी मालिक को भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी भी दी गई है।
रविवार को शिलाई क्षेत्र की नाया पंजोड़ में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया था। शिविर से वापस लौटते समय जेएमआईसी पांवटा के न्यायाधीश असलम बेग ने एक 15 वर्षीय बालक को अवैध रूप से पिकअप वाहन दौड़ाते हुए पकड़ा था। बाद में मंगलवार को गाड़ी मालिक व जमानती को पांवटा अदालत में पेश किया गया।
सहायक जिला न्यायवादी जसवीर सिंह ने बताया कि बीते दिन टिक्कर गांव के समीप पांवटा के न्यायाधीश असलम बेग ने 15 साल के नाबालिग लड़के को पिकअप चलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इस पर पिकअप को बांड करने के साथ-साथ चालान भी कर दिया गया था। न्यायाधीश ने पुलिस को हिदायत दी थी कि इस बच्चे के परिजनों को भी अदालत में पेश किया जाए।
मंगलवार को पिकअप चालक व बच्चे का पिता पांवटा अदालत में पेश हुए। शिलाई पुलिस टीम ने गाड़ी के मालिक चमेल सिंह को अदालत में पेश किया। अदालत ने गाड़ी मालिक व उसके जमानती को एक-एक लाख रुपये के बांड भरने का आदेश सुनाए। साथ ही एक साल की समय अवधि के बीच यदि दोबारा ऐसा करते पकडे़ गए, तो गाड़ी मालिक व जमानती को बांड की राशि भरनी होगी। साथ ही सजा भी अलग से भुगतनी होगी।