अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़ (सिरमौर)।
लंबे समय से बैंक का ऋण न चुकाने वाले डिफाल्टरों पर बैंक ने शिकंजा कस दिया है। रविवार को बैंक के अधिकारियों ने पुलिस को साथ लेकर एक होटल को सील कर दिया। बताया जा रहा है कि होटल व्यवसायी ने कई साल पहले बैंक से ऋण लिया लेकिन बैंक को पैसे की अदायगी नहीं की गई। लिहाजा, बैंक ने यह कार्रवाई अमल में लाई। इस कार्रवाई के बाद दूसरे डिफाल्टरों में भी हड़कंप मच गया है। बैंक ने दूसरों डिफाल्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई का मन बनाया है।
जानकारी के अनुसार यूको बैंक राजगढ़ ने बैंक के डिफाल्टरों पर शिकंजा कसना आरंभ कर दिया है। बैंक ने सरफेसी एक्ट 2002 के तहत एक होटल का कब्जा लेकर उसे सील कर दिया। यूको बैंक के शाखा प्रबंधक एचएस वर्मा ने बताया कि बैंक के अधिकृत अधिकारी जेपी नेगी के नेतृत्व में पुलिस और राजस्व अधिकारियों सहित पबियाना में एक होटल पर सरफेसी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। बैंक ने होटल का कब्जा लेकर उसे सील कर दिया है।
एसएच वर्मा ने बताया कि बैंक ने वर्ष 2011 में होटल कारोबार के लिए 40 लाख रुपये का ऋण दिया था, जिसकी वापसी न होने पर बैंक को मजबूरन यह कार्रवाई अमल में लानी पड़ी। शाखा प्रबंधक ने बताया कि इस होटल की ऑनलाइन बोली करके इसे बेचा जाएगा ताकि बैंक की रकम की वसूली हो सके। इस मौके पर बैंक के सहायक प्रबंधक रोशन लाल, रिकवरी एजेंट वीएल ठाकुर के अलावा पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।