अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। भागो..., अस्पताल में आग लग गई है। जल्द यह कमरा खाली कर दो...। किसी ने जब यह आवाज लगाई तो सब सामान छोड़ कर मरीज और उनके तीमारदार बाहर की ओर निकल गए। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को स्ट्रेचर, व्हील चेयर आदि के सहारे दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया। नाहन अस्पताल में दाखिल मरीज इस घटना के बाद से खौफजदा हैं। मरीज और तीमारदार हादसे के बाद थरथर कांप रहे थे।
आग की घटना के बाद अस्पताल में दहशत का माहौल है। मरीज सहमे हुए हैं। भवन खाली करने के बाद किसी को बैड मिला तो किसी को नहीं। कई मरीज अस्पताल भवन के बाहर खुले में देखे गए। शंभूवाला से आई बुजुर्ग मरीज सत्या देवी को सांस की दिक्कत है। आगजनी की घटना के बाद भवन में फैले धुएं की वजह से उनकी यह तकलीफ और बढ़ गई। उन्हें अस्पताल की गैलरी के एक बैड में रखा गया था। उसी के बैड पर दो और मरीज भी दाखिल थे।
सत्या के साथ आई कमलेश ने बताया कि मुश्किल से उन्होंने अपनी जान बचाई। सत्या देवी को पकड़ कर मुश्किल से भवन से बाहर निकाला गया। उनकी हालत तो चलने फिरने लायक भी नहीं है। रमेश ने बताया कि किसी ने आवाज लगाई कि आग लग गई है, बाहर निकलो। वह भागे-भागे बाहर निकले। जबकि दाखिल बाबू राम ने बताया कि पहले तो वह सीढ़ियों से होते हुए नीचे की ओर भागे लेकिन निचली मंजिलों में धुआं और अधिक था। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि ऊपर की मंजिल से दूसरे भवन को निकलो। इसके बाद वह फिर ऊपर गए और दूसरे भवन में पहुंचे।
संत राम ने बताया कि धुआं फैलते ही वह बाहर की ओर निकले। कहीं जगह नहीं मिली तो अस्पताल के बाहर धूप में आकर बैठ गए।
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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिदंल ने जिला प्रशासन को हादसे के कारणों को पता लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएं। डॉ. बिंदल ने कहा कि सूचना मिलते ही उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन को आग बुझाने के लिए तुरंत आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल एक संवेदनशील क्षेत्र है जहां सैकड़ों रोगी व अन्य लोग रहते हैं जिस कारण ऐसे स्थलों में पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करने की नितांत आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सभी कार्यालयों व शिक्षण संस्थानों में आग बुझाने वाले संयंत्र स्थापित होने चाहिए।