अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. आबीरा बासू की अदालत ने दहेज उत्पीड़न के मामले का अभियोग साबित होने पर पीड़ित के पति, सास और देवर को तीन-तीन वर्ष साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों को 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा।
मामले की जानकारी देते हुए सहायक जिला न्यायवादी राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि अदालत ने दहेज मांगने, पत्नी से मारपीट, मानसिक व शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करने के आरोप में दोषियों को यह सजा सुनाई है। शादी के बाद पीड़िता शीजा को आरोपियों ने हर तरह से तंग करना शुरू कर दिया था।
उन्होंने बताया कि शीजा की शादी 2008 में संदीप वर्मा से हुई थी। शादी के बाद से ही शीजा के ससुराल वाले इसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। कम दहेज लाने पर शीजा से उसका पति मारपीट भी करता था। शादी के कुछ समय बाद शीजा के पति ने उसका एटीएम कार्ड भी छीन लिया। शीजा को उसका एटीएम कार्ड प्रयोग नहीं करने दिया जाता था।
उन्होंने बताया कि घर में कपड़े धोने की मशीन होने के बावजूद भी शीजा से उसका पति संदीप वर्मा, देवर राजीव वर्मा व सास विमला वर्मा अकसर हाथ से कपड़े धुलवाया करते थे। इस मामले में पुलिस ने गहनता से छानबीन कर अदालत में चालान पेश किया था।
इसके बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. आबीरा बासू की अदालत ने दहेज मांगने के दोषी संदीप वर्मा, विमला वर्मा व राजीव वर्मा को 3 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक दोषियों को दस-दस हजार रुपये काजुर्माना भी अदा करना होगा।