नाहन (सिरमौर)। उपमंडल संगड़ाह के बोगधार में ड्रग विभाग ने दबिश देकर फर्जी क्लीनिक को सील कर दिया है। विभाग ने बुधवार को यह कार्रवाई अमल में लाई। इस दौरान विभाग ने क्लीनिक से दवाइयों की खेप को भी कब्जे में लिया है। साथ ही ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार बोगधार में पिछले कई साल से क्लीनिक चला रहा एक झोलाछाप डॉक्टर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था। विभाग को इसकी शिकायतें मिल रही थीं। लिहाजा, नाहन के ड्रग इंस्पेक्टर ललित कुमार और भूमिका मंगला की टीम ने बुधवार को अचानक बोगधार में दबिश दी। छापेमारी के दौरान क्लीनिक के रिकॉर्ड की जांच की गई। हैरानी की बात है कि झोलाछाप डॉक्टर के पास क्लीनिक चलाने का कोई लाइसेंस नहीं था। न ही डॉक्टर की कोई डिग्री उसके पास थी। ड्रग विभाग की टीम ने झोलाछाप बंगाली डॉक्टर विपुल गोस्वामी के क्लीनिक से भारी मात्रा में दवाइयां व इंजेक्शन बरामद किए हैं। विभाग की टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया है।
बता दें कि जिला सिरमौर के दुर्गम क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। हालांकि, ड्रग विभाग समय-समय पर कार्रवाई करता है। झोलाछाप डॉक्टरों का सूचना तंत्र इतना मजबूत है कि कार्रवाई की भनक लगते ही मेडिकल स्टोर अथवा क्लीनिक को बंद कर रफूचक्कर हो जाते हैं। ऐसे में कई बार विभाग की टीम को खाली हाथ लौटना पड़ता है। कई मामलों में विभाग को सफलता भी मिली है। इसके बावजूद फर्जी डॉक्टर ग्रामीणों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
उधर, ड्रग इंस्पेक्टर ललित कुमार ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बोगधार में क्लीनिक को सील कर दिया गया है। मौके से टीम ने दवाइयां भी कब्जे में ली हैं। आरोपी झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ ड्रग एंड कास्मेटिक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगामी कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ विभाग कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा।