नाहन (सिरमौर)। विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लगभग 40 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का सिरमौर पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने कोलकाता से एक और गिरफ्तारी की है। दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर सिरमौर लाया जा रहा है। हाई प्रोफाइल ठगी के इस मामले से जुड़े गिरोह में और लोगों के शामिल होने की संभावनाओं से भी पुलिस इंकार नहीं कर रही है।
गौरतलब है कि शिलाई में एक व्यक्ति को ऑनलाइन ठगी से 40 लाख रुपये का चूना लगाने वाले सिलिगुड़ी निवासी सुब्रत सरकार उर्फ रॉकी को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। वह इन दिनों पुलिस रिमांड पर चल रहा है। उसके कब्जे से पुलिस 21 एटीएम कार्ड, 4 बैंक खाता विवरण, दो पैन कार्ड, आधार कार्ड, लैपटॉप और सात मोबाइल फोन भी जब्त कर चुकी है। रविवार को पुलिस ने इस गिरोह के एक अन्य सदस्य सत्यजीत मजूमदार को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। पहले गिरफ्तार किए गए रॉकी की निशानदेही पर पुलिस ने उसे दबोचा। आरोपी मजूमदार को कोलकाता की परागनास स्थित अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर सिरमौर लाया जा रहा है। आरोपी को 16 नवंबर को पांवटा की अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने खुलासा किया कि यह गिरोह फर्जी बैंक खाते, वेबसाइट बनाने का पेशेवर है। भारत के बाहर नौकरियों दिलाने के लिए लोगों को लुभाने के लिए नकली ईमेल भेजता था। इसके लिए वह लोगों से भारी भरकम पैसा वसूलता था। उधर, मामले की पुष्टि एसपी रोहित मालपानी ने की है।
शिलाई पुलिस थाने में 25 नवंबर 2017 को लाखों की ठगी का मामला दर्ज हुआ था। शिलाई के पनोग निवासी प्रवीण पोजटा ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि वर्ष 2015-16 में उसने एक वेबसाइट पर विदेश में नौकरी पाने के लिए अपनी योग्यता संबंधी दस्तावेज भरे थे। छह सात महीने के बाद उसे एक कंपनी की वेबसाइट से ईमेल आई। 29 नवंबर 2015 को आई इस ईमेल में कंपनी के प्रोसेस मैनेजर ने संपर्क करने के लिए बाकायदा अपना नंबर दिया। बताया गया कि कनाडा में नौकरी पाने के लिए लगभग ढाई लाख रुपये का खर्चा आएगा। इसमें बीजा और टिकट आदि भी शामिल बताए गए। इसके बाद फर्जी वेबसाइट गिरोह के सदस्यों ने चरणबद्ध तरीके से उससे 40 लाख की ठगी की। लिहाजा, शिकायतकर्ता ने पुलिस में 2017 में मामला दर्ज करवाया।