नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर में आग बेकाबू हो गई है। एक के बाद एक सामने आ रहे आग के मामलों ने वन विभाग के समक्ष काफी दिक्कतें खड़ी कर दी हैं। विभाग के लिए भी जंगलों की आग पर काबू पाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। सबसे बड़ी समस्या यही है कि सिरमौर में पीने के पानी के लिए भी हाहाकार मचा है। जं
गलों की आग बुझाने के लिए पानी की व्यवस्था करना उतना ही मुश्किल हो गया है। फिर भी वन विभाग ने मुस्तैदी दिखाकर कई घटनाओं में आग पर काबू पाने में सफलता पाई है। सबसे सुखद बात यह रही कि अभी तक आग की कोई भी घटना 24 घंटे से अधिक नहीं रही। बावजूद इसके सिरमौर में लाखों की वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। सैकड़ों जीव-जंतु आग की चपेट में आ चुके हैं।
पच्छाद इलाके में एक बुजुर्ग की आग की चपेट में आने से पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो चुकी है। रेणुका वन मंडल में अभी तक आग की एक घटना हुई है। इसके अलावा राजगढ़, नाहन व पांवटा वन मंडलों में आग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कई जगह बुधवार को भी आग की घटनाओं से भारी नुकसान हुआ।
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2267 हेक्टेयर में 14 लाख का नुकसान
पिछले तीन दिन में आग की 18 घटनाएं सामने आई हैं। 27-28 मई तक 12 मामलों में 75 हजार रुपये की वन संपदा को नुकसान पहुंचा। नाहन डिविजन में 4, पांवटा में 5, रेणुका में एक व राजगढ़ में आग की दो घटनाएं हुईं। जबकि 28-29 मई तक हुई आग की 6 घटनाओं में 50 हजार रुपये का नुकसान पहुंचा। फायर सीजन के दौरान अभी तक जिला सिरमौर में आग से 163 मामले सामने आ चुके हैं जिसमें 2267 हेक्टेयर भूमि में जंगल राख हो गए हैं। वन विभाग ने आग से अभी तक 14 लाख रुपये से अधिक नुकसान आंका है।
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टोल फ्री नंबर 1800-180-8097 जारी
वन विभाग ने लोगों से जंगलों में आग न लगाने की अपील की है। इस फायर सीजन में जंगलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई जीव-जंतु आग की चपेट में आ चुके हैं। आग संबंधी सूचना के लिए 1800-180-8097 पर संपर्क कर सूचना दी जा सकती है। जंगलों में वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मुस्तैदी से जुटे हैं।
- प्रदीप कुमार शर्मा, डीएफओ हैडक्वार्टर, सर्कल नाहन।