अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
पांवटा क्षेत्र के मेलियों स्थित धार्मिक स्थल पर आग लगाने और धार्मिक पुस्तकें जलाने के मामले में मंडलायुक्त शिमला और डीआईजी पांवटा पहुंचे हैं। उन्होंने पांवटा साहिब में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने एक समुदाय से जुड़े लोगों से धैर्य रखने और शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, मामले को सुलझाने के लिए कुछ समय भी मांगा है।
मंडलायुक्त आरएन बत्ता ने कहा कि इस संवेदनशील मामले से जुड़े गुनाहगारों को बेनकाब कर दिया जाएगा। पुलिस इस घटना की गहनता से जांच कर रही है। उन्होंने मामले में लोगों से सहयोग की भी अपील की।
मंडलायुक्त ने जानकारी दी कि पांवटा व माजरा क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाई गई है। क्षेत्र की 84 धार्मिक स्थलों के लिए लगभग 50 पुलिस कर्मियों की अलग-अलग टीमें गठित की गई है। प्रत्येक टीम को विशेष क्षेत्र आवंटित किए गए है। पांवटा के साथ उत्तराखंड राज्य की सीमा होने से इस क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियां काफी बढ़ रही हैं। इससे निपटने के लिए पुलिस कार्ययोजना तैयार कर रही है।
उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े पदाधिकारियों से आग्रह किया कि एक समिति का गठन कर पुलिस व प्रशासन से मामले की जानकारी लें और अपने सुझाव दें। पुलिस उप महानिरीक्षक आसीफ जलाल ने कहा कि इस घटना की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है स्थानीय लोगों के पास इस घटना से संबंधित जो भी जानकारी उपलब्ध है, उसे पुलिस व प्रशासन के साथ साझा किया जाए। घटना से संबंधित जानकारी किसी के पास है तो वह पुलिस को दें, उसका नाम गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पीपलीवाला कांड की तपतीश भी प्रगति पर है और पुलिस अपराधियों को बेनकाब करने में कामयाब हो जाएगी।
इस मौके पर उपायुक्त सिरमौर बीसी बडालिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागमल ठाकुर, एसडीएम पांवटा एचएस राणा, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान अल्पसंख्यक समुदाय के पदाधिकारी हाषमी, नासिर, मोहम्मद इकबाल, चैन सिंह, तपेंद्र सिंह इत्यादि उपस्थित थे ।
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