अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
सिरमौर के मेलियों गांव के धार्मिक स्थल में आग लगाने और धार्मिक पुस्तकें जलाने के मामले में तीन बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। संवेदनशील मामला बताकर पुलिस के उच्चाधिकारियों ने एक माह का और समय मांगा है। वहीं सुमदाय से शांति बनाए रखने की अपील की है। उधर, समुदाय के कुछ लोग अब तक की जांच से संतुष्ट नहीं है।
मुस्लिम नेता नजाकत अली हाशमी ने कहा कि सोमवार को 3 दिनों का समय मांगा गया था। इसके बाद आक्रोशित लोगों को एनएच-7 पर लगाए जाम से हटाया जा सका। अब 3 दिनों बाद पुलिस जांच टीम की जांच संतोषजनक नहीं है। बुधवार को फिर से एक माह का समय मांगा जा रहा है। इसके लिए समुदाय के लोग तैयार नहीं हो रहे हैं। बुधवार देर शाम को समुदाय के मौजिज लोगों की बैठक हुई है जिसमें शुक्रवार 8 दिसंबर को बैठक रखी है।
मेलियों में ही दोपहर को यह बैठक होगी जिसमें समुदाय के लोग आगामी कोई भो रणनीति तय करेंगे। बात दें कि विगत रविवार को मेलियों धार्मिक स्थल पर आगजनी में पवित्र धार्मिक पुस्तकों को जला दिया गया था। जिला पुलिस ने 3 दिनों का समय जांच को मांगा था। तीन दिन में मामला नहीं सुलझ पाया है।
वीरवार से फिर आंदोलन की आशंका के चलते प्रशासन ने बुधवार को सभी समुदायों की बैठक में डीआईजी दक्षिण रेंज आसिफ जलाल, डिवीजनल कमिश्नर आरएन बत्ता, उपायुक्त सिरमौर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने अब तक हुई जांच से अवगत करवाया। अधिकारियों ने समुदाय से कहा कि जांच में कम से कम एक महीने का और समय लग सकता है।
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डीआईजी आसिफ जलाल ने देखा मौका
पांवटा (सिरमौर)। डीआईजी आसिफ जलाल ने माजरा के मेलियों गांव में स्थित धार्मिक स्थल जाकर मौका देखा। लोगों ने धर्मस्थल पर आगजनी और पवित्र धार्मिक पुस्तकों को जलाने के मामले से अवगत करवाया।