अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिरमौर हंसराज की अदालत ने बुधवार को हत्या के मामले में दोषी को उम्र कैद की कठोर सजा सुनाई। साथ ही दोषी सतपाल को 25 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माने की रकम की अदायगी न होने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना पड़ेगा।
उप जिला न्यायवादी एकलव्य चौधरी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना 27 अगस्त 2015 की है। वादी मोहीराम ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया कि वह गोपाल, संजू, रवि, वेद, कपिल व सतपाल एक साथ सड़क से पत्थर निकालने का काम करते थे। जबकि, सैलेंद्र ट्रैक्टर में पत्थर ढोने का काम करता था। इससे पहले दिन 26 अगस्त को वह दिनभर काम करने के बाद शाम को बागील में अपने कमरे में चले गए। शाम करीब साढ़े पांच बजे सतपाल व सैलेंद्र मोटरसाइकिल पर शराब लेने के लिए खैरी ठेके पर पहुंचे। 8 बजे वापस पहुंचकर दोनों ने मकान के लेंटर पर शराब पी। रात के समय कुछ लोग छत पर सोये थे जबकि, वादी मोहीराम व सैलेंद्र इकट्ठे सोये हुए थे। रात करीब साढ़े 12 बजे ट्रैक्टर की छतरी में लगे शीशे के टूटने की आवाज आई तो मोहीराम ने देखा कि सैलेंद्र के सिर से खून निकल रहा था। दोषी सतपाल ने उसके सामने ही एक झब्बल लेंटर पर फेंकी और मौके से फरार हो गया। 108 एंबुलेंस को फोन करने पर घायल सैलेंद्र को ददाहू अस्पताल पहुंचाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रेणुका पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करने के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी देवानंद गुलेरिया ने मामले की जांच की तो पता चला कि सतपाल ने सैलेंद्र के सिर पर दो वार किए। तीसरा वार ट्रैक्टर की छतरी से टकराकर शीशे में लगा। साथ ही यह भी पता चला कि दोषी सतपाल की मृतक के साथ दो दिन पहले ही कोई कहासुनी हो गई थी। इसके बाद सतपाल ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। मामले की जांच करने पर पुलिस ने दोषी सतपाल को हिरासत में लिया। दोषी की पेंट में लगे खून का मृतक के खून के साथ मिलान करने पर अदालत में चालान पेश किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 19 गवाह पेश किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी एकलव्य ने की। बुधवार को तमाम दलीलों व साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हंसराज की अदालत ने दोषी सतपाल निवासी धवाड़ी (संगड़ाह) को यह सजा सुनाई।