अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। विधानसभा चुनाव के दौरान और इससे पहले सिरमौर में लाल परी का खूब सरूर चला। गांव-गांव तक थोक में शराब पहुंचने की आशंका है। पुलिस विभाग द्वारा बरामद की गई शराब की खेप इसी ओर इशारा कर रही है। पिछले साल के मुकाबले सिरमौर पुलिस ने इस साल 15 अगस्त से 20 नवंबर तक की अवधि के दौरान शराब की भारी खेप बरामद की है। इतना ही नहीं सिंथेटिक ड्रग्स, चरस, अफीम आदि भी इस दौरान बरामद हुई।
पुलिस ने शराब कारोबारियों पर भी शिकंजा कसा है। इसी अवधि के दौरान पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत 33 मामले दर्ज किए हैं। जबकि पिछले साल 23 मामले दर्ज हुए थे। पिछले वर्ष पुलिस ने 26 आरोपियों को दबोचा था। जबकि इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 36 तक पहुंच गया।
पिछले साल एक करोड़ 10 लाख 4180 मिली लीटर देसी शराब पकड़ी गई थी, वहीं इस साल 3 करोड़ 19 लाख 8750 मिली लीटर बरामदगी हुई है। अंग्रेजी शराब में गत वर्ष 1,35,000 मिली लीटर बरामदगी हुई थी। इस वर्ष 1 करोड़ 56 लाख 5280 मिलीलीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। अवैध शराब का आंकड़ा पिछले वर्ष 70 हजार मिली लीटर था, जो इस साल बढ़कर 1 लाख 27 हजार मिलीलीटर हो गया है।
15 अगस्त 2017 से 20 नवंबर 2017 के बीच एनडीपीएस एक्ट के तहत 20 मुकदमे दर्ज हुए हैं। इसमें से दो मामले सिंथेटिक ड्रग के हैं। दो मामलों में नशा कारोबारियों की वित्तीय जांच शुरू की गई है। इन मामले में पुलिस ने कुल 21 गिरफ्तारियां भी की हैं। पुलिस के आंकड़ों को ले तो इस अवधि के दौरान पुलिस ने 4.687 किलोग्राम चरस के अलावा 8.966 किलो गांजा बरामद की। 4.818 किलो चूरा-पोस्त, 62.18 ग्राम स्मैक व 443 नशीले कैप्सूल भी बरामद हुए।
जबकि तीन हजार भांग के पौधे नष्ट हुए तो 23.43 ग्राम अज्ञात नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इसी अवधि के दौरान गत वर्ष 14 मामले दर्ज हुए थे, 15 पुरुषों के साथ एक महिला की गिरफ्तारी की गई। 1.611 ग्राम चरस, 78.94 किलो चूरा-पोस्त, 5 ग्राम स्मैक, 840 नशीली गोलियां, 36 बोतल सिरप व 3576 कैप्सूल बरामद हुए थे। वहीं 18,360 भांग के पौधे नष्ट हुए थे।
एसपी रोहित मालपानी ने बताया कि पुलिस नशे का कारोबार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। नशे के सौदागरों को बख्शा नहीं जाएगा।