अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। रेणुकाजी तीर्थ में स्थित भगवान परशुराम मंदिर के पुजारी के घर के बाहर जाली लगाए जाने की घटना से लोगों में वन्य प्राणी विभाग के प्रति रोष गहरा गया है। वन्य प्रणाली विभाग ने पिछली 9 पुश्तों से रेणुका तीर्थ में अपनी सेवाएं दे रहे पुजारी के निजी आवास को जाली से बंद कर दिया है। जबकि, वह जगह पुजारी की अपनी मलकीयत भूमि है लेकिन विभाग ने पुजारी का तर्क सुने बिना ही मकान के आगे एंगल गड़वाकर जाली लगवा दी। ऐसे में स्थानीय लोगों ने विभाग पर पुजारी को परेशान करने का भी आरोप लगाया है।
मंदिर के पुजारी देवा रमेश कपिल के पूर्वज पिछली 9 पीढ़ियों से निरंतर पुश्त दर पुश्त मंदिर में पूजा अर्चना करते आ रहे हैं लेकिन कभी भी किसी विभाग ने उन्हें परेशान या तंग नहीं किया। अब पुजारी जब अपने मकान की मरम्मत करवा कर उसमें शटर लगाने लगा तो विभाग ने रातोंरात पुजारी की जमीन पर ही उसके मकान के आगे जाली लगा दी। इस कारण पुजारी अपनी मरम्मत के कार्य को भी पूरा नहीं करवा सका। जबकि, वन्य प्राणी विभाग स्वयं भी भवनों का निर्माण करता आ रहा है। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली संदेह के दायरे में है।
स्थानीय लोगों ने भी पुजारी का पक्ष लेते हुए उनको न्याय दिलाने की मांग की है। उधर वन्य प्राणी विहार रेणुका के आरओ अश्वनी कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने पर ही उन्होंने वहां जाली स्थापित करवाई है। उन्हें सूचना मिली थी कि पुजारी वहां दुकानें चलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भूमि पुजारी की है तो वह निशानदेही के पश्चात जाली को वहां से हटवा देंगे लेकिन वहां पर दुकानों का संचालन नहीं करने दिया जाएगा।
-