नाहन। सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस के मामले में दोषी को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट की सजा पर रोक लगाई है। अदालत ने यह आदेश विश्वजीत सिंह बनाम एचडीएफसी मामले में दिया है। यह मामला साल 2019 का है। न्यायिक मजिस्ट्रेट राजगढ़ ने 22 सितंबर 2025 को विश्वजीत सिंह को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास और 15 लाख मुआवजा देने की सजा सुनाई थी। अब दोषसिद्धि के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील दायर की। सुनवाई के दौरान सत्र न्यायाधीश ने कहा कि अपील के निपटारे में समय लग सकता है। इसी कारण सजा के फैसले को अपील के अंतिम निपटान तक निलंबित कर दिया। अदालत ने शर्त लगाई है कि विश्वजीत सिंह को मुआवजा राशि का 20 जमा करना होगा। साथ ही 25,000 का व्यक्तिगत बांड पेश करना होगा। इसके अलावा अपील असफल रहने पर सजा भुगतने के लिए आत्मसमर्पण करना होगा। संवाद