नाहन। जिला फैमिली कोर्ट ने आपसी सहमति से दायर तलाक याचिका स्वीकार करते हुए पति-पत्नी के वैवाहिक संबंध समाप्त करने का आदेश दिया। प्रधान न्यायाधीश (फैमिली कोर्ट) योगेश जसवाल ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद हिंदू विवाह अधिनियम के तहत विवाह विच्छेद की डिक्री पारित की। यह मामला संजय एवं अर्चना के बीच का है। अदालत रिकॉर्ड के अनुसार दोनों का विवाह साल 2020 को ददाहू तहसील के एक गांव में हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। दंपती को कोई भी बच्चा नहीं हुआ। आपसी मतभेदों के चलते साल 2023 से दोनों अलग-अलग रह रहे थे और साथ रहने की कोई संभावना नहीं बची थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तलाक की याचिका दायर की। अदालत ने पाया कि याचिका कानून के अनुरूप है तथा निर्धारित छह माह की अवधि भी पूरी हो चुकी है। साथ ही याचिका में किसी प्रकार का ऐसा कोई आधार नहीं मिला, जिससे राहत देने से इन्कार किया जाए। इसके बाद न्यायालय ने विवाह को आपसी सहमति से तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश देते हुए डिक्री तैयार करने के निर्देश दिए। संवाद