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Sirmour News: चूड़धार मंदिर के कपाट तो खुले लेकिन शुरू नहीं हो पाई आम व्यवस्था

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चूड़धार की सुबह मंदिर के बाहर स्नान के लिए उमड़ा लोगों का सैलाब। संवाद
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14 मई से शुरू होने हैं भंडारे और पानी की लिफ्ट योजना अब भी पड़ी बंद
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श्रद्धालुओं के पूरी तैयारी के बिना रात को पहुंचने से भी पेश आ रहीं दिक्कतें

संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। जिले की ऊंची चोटी पर बने चूड़धार मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मंदिर के कपाट 14 अप्रैल को खोल दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक आम व्यवस्थाएं सुचारु नहीं हो पाई हैं। 14 मई से शुरू होने वाले भंडारों पर इसका असर देखने को मिल सकता है। चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबू राम शर्मा ने कहा कि यात्री चूड़धार में शिरगुल महाराज के दर्शनों के लिए आ रहे हैं। हैरानी की बात है कि श्रद्धालु पूरी तैयारी के बिना ही यहां आ रहे हैं। कई तो ऐसे हैं, जो देर रात को चूड़धार पहुंच रहे हैं। उनके आने से पहले ही ढाबे बंद हो जाते हैं, इससे उनको भोजन जैसी चीजों के लिए भी जूझना पड़ रहा है। यहां नेटवर्क की बड़ी समस्या पेश आ रही है। यहां आने वाले अधिकतर श्रद्धालु कैश लेकर नहीं आ रहे। वे नेट बैंकिंग के भरोसे यहां आ रहे हैं, जबकि नेटवर्क की समस्या न होने के कारण उनको खरीदारी में परेशानी हो रही है। बाबूराम ने बताया कि अभी एक प्राकृतिक स्रोत से पानी की आपूर्ति की जा रही है। यह पानी मंदिर और आश्रम के लिए पर्याप्त है, लेकिन लिफ्ट योजना जो अभी भी बंद पड़ी है। उससे पानी न आने के कारण चूड़धार के सभी शौचालय बंद पड़े हैं। सेवा समिति 14 मई से भंडारे शुरू करने जा रही है। ऐसे में पानी की कमी के कारण इसके आयोजन पर संकट छा रहा है। उन्होंने जल शक्ति विभाग से चूड़धार के लिए पानी की आपूर्ति जल्द करने की मांग की। कुपुवी सब डिवीजन के सहायक अभियंता कंवर सिंह ने बताया कि पेयजल योजना की मशीनों के पार्ट्स मिल चुके हैं। एक हफ्ते के अंदर योजना को सुचारू कर दिया जाएगा। अभी ग्रेविटी की लाइन को सुचारु चलाया जा रहा है।
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