खुशियों का बैंक माजरा इकाई ने प्लास्टिक कलेक्शन बैंक शुरु किया: संवाद
खुशियों का बैंक माजरा इकाई ने प्लास्टिक कलेक्शन बैंक किया शुरू
अभियान में सहयोग करने वाली महिलाओं होगी सम्मानित : अनुराग गुप्ता
मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था की पर्यावरण संरक्षण को नई पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था माजरा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक नई पहल की है। संस्था ने खुशियों का बैंक माजरा नाम से प्लास्टिक कलेक्शन बैंक खोला है। खुशियों का बैंक माजरा इकाई लोगों से बेकार सिंगल यूज प्लास्टिक लेगा और उससे क्षेत्र के गार्डन की सुंदरता को निखारेगा। संस्था ने इसके लिए गृहिणी महिलाओं से सहयोग करने का विशेष आग्रह किया है। संस्था के संचालक अनुराग गुप्ता और पुष्पा खंडूजा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक जैसे तंबाकू के पैकेट से लेकर कोल्ड ड्रिंक की बोतलें, सभी पैकेट जैसे दाल, नमक, कुरकुरे, नमकीन और चिप्स-बिस्कुट निकलते हैं। इन पैकेट को सभी महिलाएं अपनी रसोई में एक कपड़े के थैले में इकट्ठा करें। खाली बोतलों में भरकर एकत्रित करें। महिलाएं एक समूह बनाकर भी इन बोतलों को भरकर एकत्रित कर सकती है। इन बोतलों का इस्तेमाल आपके आसपास कोई भी बेंच या हर्बल गार्डन में किया जाएगा। खुशियों के बैंक ने इससे पहले भी पर्यावरण संरक्षण के लिए नगर खेड़ा मंदिर परिसर माजरा में इन प्लास्टिक की बोतलों को ब्रिक्स की जगह इस्तेमाल करके बेंच बनाया है। अनुराग गुप्ता ने बताया कि संस्था की ओर से सभी महिलाओं को डिजिटल सर्टिफिकेट के साथ-साथ सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक हम जागरूक नहीं बनेंगे तब तक यह आने वाली पीढ़ी के लिए वह पर्यावरण के लिए बहुत बड़ा खतरा है, क्योंकि महिलाएं ही एक घर की नींव होती है। मातृ शक्ति के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं तो लिए हमारे साथ जुड़े और इस मुहिम में जुड़कर अपने आने वाली पीढ़ी को इस दूषित पर्यावरण से बचने के लिए आगे आकर हाथ बढ़ाएं।