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गलत चीज होती है स्वतंत्रता.., से जमकर कसे तंज

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‘गलत चीज होती है स्वतंत्रता’ से कसे तंज
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कालाअंब और नाहन में हुए कवि सम्मेलन
कवियों ने स्वतंत्रता दिवस पर पेश कीं कविताएं
अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब/नाहन (सिरमौर)। स्वतंत्रता दिवस पर नव चेतना साहित्य एवं कला मंच संस्था ने कालाअंब में कवि सम्मेलन का आयोजन किया। इस दौरान क्षेत्र के नवोदित कवियों ने कविता पाठ किया। सर्वप्रथम दीक्षा ने हे भारत मां तेरी..., विकास ने आजादी की बात ही..., भारती ने उठो देश वासियों तानों सीना तुम भी.., रविता ने आकाश के जितने तारे..., विशाल ने अभी रात बाकी है दुश्वारियों की..., संजय गुप्ता ने दुश्मन तेरे सीने पर हम भी..., कविता पढ़ी। इस मौके पर करीब दर्जन भर नवोदित कवियों ने कविता पाठ किया। उधर, नाहन में आयोजित कवि सम्मेलन की अध्यक्षता दीपचंद कौशल ने की। मंच संचालन नरेंद्र कुमार ने किया। जबकि भाषा अधिकारी अनिल हारटा विशेष रूप से मौजूद रहे। सबसे पहले युवा कवयित्री कमलेश कुमारी ने है मेरे हिंदुस्तान, कैसे करूं तेरा गुणगान, तू तो था सबसे महान.., से अपनी पीड़ा पेश की। सुरेंद्र कुमार सूर्या ने हिमाचल आपणा बोहितो प्यारा.., पहाड़ी कविता पेश की। वरिष्ठ व्यंग्यकार प्रभात कुमार ने गलत चीज होती है स्वतंत्रता, जो चाहे जब चाहे, इसका गलत फायदा उठाता है.., कविता से आजादी का गलत फायदा उठाने वालों पर जमकर कटाक्ष किया। पंकज तन्हा ने स्वतंत्रता दिवस का बंद करो ये आलाप.., शहीदों का उपहास मत करो आप.., चिर आनंद ने देशद्रोहियों के कहने पर दुश्मन को पहचान दोगे जी.., दीप चंद कौशल ने जिन्हें मिली आजादी मुफ्त मेें.., अर्चना शर्मा ने सोच रही हूं क्या लिखूं.., राम कुमारी सैनी ने अपनी बेटी पर लिखी गजल मेरी धड़कन हो मेरी जान तुम हो, जिंदगी का मेरा अरमान तुम हो., पेश की। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह धर्मा, सुरेंद्र कुमार सूर्या, नरेंद्र सिंह, लायक राम शास्त्री आदि ने भी कविता पाठ किया।
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