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मांगें पूरी न होने पर सरकार के खिलाफ भड़के पेंशनर

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अमर उजाला ब्यूरो
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नाहन (सिरमौर)। मुख्यमंत्री को सौंपे गए मांग पत्र की एक भी मांग पूरी न होने पर पेंशनर भड़क गए हैं। जिला सिरमौर पेंशनर एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ ने सरकार के इस रवैये की जमकर आलोचना की है। सोमवार को संघ की बैठक का नाहन में आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान रामस्वरूप चौहान ने की। बैठक में पेंशनरों की मुख्य मांगों का मुद्दा छाया रहा। पेंशनरों ने इस बात को लेकर नाराजगी जाहिर की कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आगे नहीं आ रही है। जिला प्रधान रामस्वरूप चौहान ने कहा कि उनके संगठन ने मुख्यमंत्री को कई बार संघ की मांगों को लेकर मांगपत्र सौंपा है। इसके माध्यम से उन्होंने कई मांगें सरकार के समक्ष उठाईं लेकिन, हैरत की बात यह है कि उस मांग पत्र की एक भी मांग आज तक पूरी नहीं की गई है। इससे पेंशनरों में सरकार के खिलाफ भारी रोष है। उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर को सुंदरनगर में हुए संघ के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया था। इसमें उच्चतम न्यायालय, भारत सरकार और पंजाब सरकार के आदेशानुसार मांगें उठाईं गई थीं। सरकार ने उन मांगों को भी अपनी स्वीकृति देना उचित नहीं समझी है। प्रधान ने कहा कि पंजाब सरकार ने पेंशनरों को 5, 10 और 15 प्रतिशत की अतिरिक्त पेंशन दे दी है जबकि प्रदेश सरकार अब तक इसे नहीं दे पाई है। महेश चंद, धनवीर परमार, कुलभूषण, राजेश कुमार, दौलत राम, कपिल गौतम, अशोक विक्रम, प्रो. इंद्रजीत, ओम प्रकाश, रमेश चंद, योगेश्वर दत्त, प्रेमलता, भुवनेश्वरी, घासी राम, योगेश्वर, विजय शर्मा, अनिल ठाकुर, चमन गुप्ता, सोमदत्त, ऐआर भारद्वाज आदि ने एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर प्रस्ताव पारित किया। इसमें सरकार से अतिरिक्त पेंशन का लाभ देने, उच्चतम न्यायालय के अनुसार पेंशन संशोधन 1 अप्रैल 2013 की बजाय एक जनवरी 2006 से देने, एक जनवरी 2006 और एक अक्तूबर 2012 से पूर्व सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन विसंगति अविलंब दूर करने, चिकित्सा भत्ता बिलों की राशि का भुगतान तीन माह के भीतर करने की मांग की गई।
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