नाहन में सीएमओ कार्यालय के समीप काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन करते एनपीएस संघ के कर्मचारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन/नौहराधार/ राजगढ़ (सिरमौर)। पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर एनपीएस कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने वर्ष 2019 का पहला दिन काला दिवस के रूप में मनाया। जिला मुख्यालय नाहन समेत जिले के विभिन्न इलाकों में कर्मचारियों ने नई पेंशन योजना के विरोध स्वरूप काले बिल्ले लगाकर कार्य किया। नाहन और नौहराधार में कुछ देर के लिए प्रदर्शन भी किया गया। जिला मुख्यालय नाहन में सीएमओ कार्यालय के निकट कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर नई पेेंशन नीति का विरोध किया। उधर, नौहराधार में भी नए कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध जताया। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार को पुरानी पेंशन योजना अविलंब बहाल करने की भी चेतावनी दी। कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि पुरानी पेंशन योजना को समय रहते बहाल नहीं किया गया तो वे लोकसभा चुनाव में इसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है। इस मौके पर नौहराधार इकाई प्रधान जितेंद्र चौहान, तपेंद्र सिंह, यशपाल शर्मा, निशा, पूनम, रमेश शर्मा, पवन कुमार, प्रदीप, जगमोहन सिंह आदि शामिल रहे। उधर, लोक निर्माण विश्राम गृह राजगढ़ में एनपीएसईए की बैठक अध्यक्ष प्रवीण शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें सभी विभागों के कर्मचारियों ने नई पेंशन व्यवस्था को लेकर नव वर्ष के पहले दिन को काला दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर सभी कर्मचारियों ने कहा कि एक जनवरी 2004 को पुरानी पेंशन व्यवस्था को बंद करके कर्मचारियों के भविष्य को अंधकार में धकेलने का निर्णय लिया गया था। लिहाजा, इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर सरकार के प्रति रोष प्रकट किया और पुरानी पेंशन योजना को फिर से बहाल करने की मांग की। इस दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी भी की। एनपीएस कर्मचारी महासंघ के राज्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा ने बताया कि हिमाचल में करीब 85 हजार कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर नई पेंशन नीति का विरोध जताया।