अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर ने दावा किया कि हर मोर्च पर प्रदेश सहित पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का ही पलड़ा भारी रहेगा। केंद्र की मोदी सरकार की भी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। जयराम सरकार भी विकास को लेकर जिलों में भेदभाव कर रही है। कई जिलों में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो कई जिलों में नाममात्र का बजट दिया जा रहा है। मुसाफिर सराहां में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने हाल ही में पच्छाद बीडीसी कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ बीजेपी की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा कांग्रेस समर्थित पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जो षड्यंत्र रचा था, उस षड्यंत्र में खुद ही भाजपा के नेता फंस गए। हालात ऐसे हैं कि लोटा-नूण की प्रथा भी भाजपा की डूबती नैया को पार नहीं लगा सकी। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने आचार संहिता से पहले प्रदेश के विकास के लिए करीब सौ करोड़ के शिलान्यास किए थे, जिनके साथ भी वर्तमान सरकार राजनीति कर रही है। या तो इन कार्यों को कछुआ गति से किया जा रहा है या फिर शुरू ही नहीं किए जा रहे हैं। इससे भाजपा की कथनी और करनी का जनता को पता चल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार नशा माफिया, वन माफिया, भू-माफिया और खनन माफिया को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करती थी लेकिन आज इन पर कोई लगाम नहीं है। हर तरह का माफिया प्रदेश में हावी है। उन्होंने कहा कि मोदी और जयराम सरकार ने सत्ता में आने से पहले लोगों से कई वायदे किए थे, मगर अब सारे जुमले साबित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार ने पिछले 10 महीनों में पच्छाद विस क्षेत्र में भी कोई बड़ा कार्य नहीं किया है। राजनीतिक भेदभाव के कारण लोगों को इंसाफ के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। लोगों की बढ़ती बेरुखी पच्छाद भाजपा के लिए महंगी पड़ेगी। इस मौके पर देवेंद्र भंडारी, संजय पाल, पंचायत समिति अध्यक्षा उषा तोमर, खुशीराम, सूरत राम रवाल, श्याम लाल फरमाहे, सीमा अत्री, संतोष शर्मा, राजेश ठाकुर नरेश भंडारी, राजेंद्र शर्मा, सुरेंद्र सपरा, हरिदत्त समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।