अमर उजाला ब्यूरो
नौहराधार (सिरमौर)। जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी ग्रामीणों के लिए अब आफत बन गई है। बर्फबारी के कारण सरकारी विभागों को लाखों रुपये की क्षति हुई है। सड़कें तहस-नहस हो गई हैं। अकेले लोनिवि को ही 50 से 60 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। विभाग नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है। सोमवार और मंगलवार को क्षेत्र में दिन भर धूप खिलने के बाद हल्की बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। मंगलवार को दोपहर बाद नौहराधार, हरिपुरधार और चूड़धार की चोटियों पर फिर हिमपात हुआ। इससे तापमान में और गिरावट दर्ज की जा रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों का न्यूनतम तापमान अभी भी माइनस डिग्री में चल रहा है। बर्फबारी के कारण इलाके के पेयजल पाइप जाम हो गए हैं। सुबह और शाम को पेयजल पाइप जमने के कारण पानी की सप्लाई ठप हो रही है। गौरतलब है कि 22 जनवरी को हुई बर्फबारी के बाद रुक-रुककर बर्फबारी का क्रम जारी है। हालांकि, विभाग ने क्षेत्र के मुख्य मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया है लेकिन, कई संपर्क सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं। हरिपुरधार-कुपवी सड़क अभी भी बंद है। लोगों को पैदल ही अपने गंतव्यों की ओर जाना पड़ रहा है। लानाचेता और पुन्नर भराड़ी में करीब 12 साल बाद बर्फ के फाहे गिरे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आरके शर्मा का कहना है कि बर्फबारी से अभी तक 50 से 60 लाख के नुकसान का अनुमान है। बर्फबारी से सड़कों की टायरिंग को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। बर्फ पिघलने के बाद सड़कों पर पैच वर्क करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हरिपुरधार और नौहराधार के मुख्य मार्गों को बहाल कर दिया गया है।