राजगढ़ (सिरमौर)। राजगढ़ कॉलेज में प्राध्यापकों के पांच पद खाली होने से यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य धूमिल हो गया है। अध्यापक-अभिभावक संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और शिक्षा सचिव को एक पत्र लिखकर खाली पदों को तुरंत भरने की गुहार लगाई है। अध्यापक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष विक्रम ठाकुर, उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, मुख्य सलाहकार शीतल प्रकाश शर्मा और सह सचिव कर्म सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि राजगढ़ कॉलेज वर्ष 2005 में प्रारंभ हुआ लेकिन यहां कॉलेज भवन 2016 में बना। उसके बाद यहां कॉमर्स की कक्षाएं शुरू हुईं। साइंस की कक्षाएं 2017 में शुरू हुईं। तेरह वर्ष पुराने और उपमंडल मुख्यालय के इस कॉलेज में अहम विषयों के पांच प्राध्यापकों इकनोमिक्स, जियोलॉजी, कॉमर्स, केमिस्ट्री और गणित के पद खाली पड़े हैं। दो माह बाद परीक्षाएं हैं। इससे बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। संघ ने कहा कि सरकार इतने पुराने कॉलेजों में तो स्टाफ नहीं दे रही है। जबकि इसी उपमंडल में नारग और फटी पटेल में दो नए कॉलेज खोले गए हैं। प्राध्यापक न होने से ऐसे संस्थानों का कोई लाभ नहीं है। यह बच्चों के साथ खिलवाड़ है। अध्यापक-अभिभावक संघ ने गुहार लगाई है कि शिक्षा के स्तर को बनाए रखने और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यहां प्राध्यापकों की तैनाती शीघ्र की जाए।