अब सिरमौर में लावारिस नहीं रहेगा कोई शव
सिख नौजवान सेवक जत्था ने शुरू की नई पहल
नाहन (सिरमौर)। धार्मिक सद्भावना के शहर नाहन में सिख नौजवान सेवक जत्थे ने एक नई पहल शुरू की है। जिला सिरमौर में अब कोई भी शव लावारिस नहीं रहेगा। सिख नौजवान सेवक जत्थे ने लावारिस शवों को उसके धर्म और कर्मकांड के अनुसार संस्कार करने का अहम फैसला लिया है। ऐसे शवों का संस्कार करने का सारा खर्च भी सेवक जत्था ही वहन करेगा। सिख सेवक जत्थे के सेवादार सुरजीत सिंह, अमरेंद्र सिंह और मनप्रीत ने बताया कि यदि जिला सिरमौर के किसी भी हिस्से में ऐसा कोई शव बरामद होता है, जिसका कोई वारिस नहीं है तो सिख सेवक जत्था अपनी सेवाएं देगा। शव की शिनाख्त के बाद सेवक जत्था उसी के धर्म के अनुसार संस्कार करेगा। सिख सेवक जत्था डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में हर माह के पहले सोमवार को मरीजों के लिए लंगर की व्यवस्था भी करता आ रहा है। पिछले काफी समय से सिख जत्थे की सेवाएं जारी हैं। इस माह से ही जत्थे ने एक और मुहिम शुरू की है। सिख सेवक जत्थे के इन प्रयासों की सभी जगह सराहना की जा रही है।