मुस्लिम अल्पसंख्यकों के विकास पर लगा विराम : दीदान
क्यारदा में आयोजित बैठक में कई मुद्दों पर किया मंथन
बोले-समुदाय के हितों और उत्थान को लेकर सरकार नाकाम
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन/पांवटा (सिरमौर)। ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी की विशेष बैठक प्रदेेश अध्यक्ष नसीम दीदान की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन प्रदेश महासचिव लतीफ मोहम्मद मलिक ने किया। पांवटा के क्यारदा में हुई बैठक में जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। जबकि, पुलिस निरीक्षक अशोक चौहान विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। नसीम दीदान ने कहा कि प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के हितों और उत्थान के प्रति उदासीन है। नौ महीने की अवधि में प्रदेश प्रशासन ने अल्पसंख्यकों की न्यायोचित मांगों पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया है। लिहाजा, समुदाय के विकास पर विराम लगा है। उन्होंने मांगों का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का नया-15 सूत्री कार्यक्रम की प्रदेश स्तर पर आज तक एक भी बैठक नहीं बुलाई गई। जबकि, नियमानुसार तीन माह में बैठक बुलाना अनिवार्य है। राज्य पिछड़ा जाति आयोग का गठन भी एक साल से लंबित है। जन समस्याओं से संबंधित फाइलें दफन हैं। ऐसे में समुदाय के करीब नौ लाख लोग प्रभावित हो रहे हैैं। दीदान ने खेद के साथ कहा कि प्रदेश सरकार उर्दू भाषा अध्यापकों के खाली 68 पदों को भरने में नाकाम रही है। अल्पसंख्यक समुदाय को वित्तीय सहायता कर्ज देने वाली प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम में एक वर्ष से अध्यक्ष पद व निदेशक मंडल की नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। इस मौके पर सोसायटी ने लावारिस मृतकों का अंतिम संस्कार का कार्य व उस पर होने वाले खर्च को वहन करने के लिए नाहन तहसील व पांवटा साहिब तहसील दो समितियों का गठन किया गया। प्रत्येक समिति में तीन परुष और दो महिला सदस्यों को रखा गया है। इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में बीडीसी सदस्य फरीद खां, प्रदेश उपाध्यक्ष असलम खान, नसीमा बेगम, साबिर अली, सलामदीन, संदीप बत्रा, मोहम्मद रमजन समेत समुदाय के जुड़े दर्जनों लोग उपस्थित रहे।