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नघेता में गहराया पेयजल संकट, मचा हाहाकार

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अमर उजाला ब्यूरो
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राजपुर (सिरमौर)। आईपीएच मंडल पांवटा के तहत आंजभोज के सबसे बड़े गांव नघेता में पेयजल संकट गहरा गया है। टौंस नदी पर स्थापित बुंगा टिंबी पेयजल योजना का पंप खराब होने से पेयजल की समस्या विकराल हो गई है। मजबूरन ग्रामीणों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। प्रचंड गर्मी में आंजभोज क्षेत्र के नघेता गांव में पानी की भारी किल्लत हो गई है। गांव के आसपास कुएं, बावड़ियां और नाले आदि जल स्रोत जैसी सुविधाएं न होने के चलते ग्रामीणों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। नघेता युवक मंडल कांडों-रयान के प्रधान राकेश शर्मा, सतीश शर्मा, दिनेश शर्मा, अमरेश, राजीव, मामचंद, सुरेश, निर्जला चौहान और संतोष ने बताया कि एक सप्ताह से नघेता में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। नलों में पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही है, जिसकी आईपीएच विभाग को कई बार शिकायत की गई लेकिन आश्वासन के सिवाय एक भी बूंद नसीब नहीं हो रही है। युवक मंडल एवं महिला मंडल के सदस्यों ने आईपीएच विभाग के झूठे आश्वासन और सुस्त रवैये पर गहरी निंदा व्यक्त की है। ग्रामीणों ने बताया कि अभी गर्मी शुरू हुई कि जल संकट गहराने लग गया है। नघेता गांव में करीब दो सौ परिवार रहते हैं। मजबूरन ग्रामीण महिलाओं, स्कूली बच्चों और गृहिणियों को सुबह उठते ही कोसों दूर से पानी की ढुलाई करनी पड़ रही है। वहीं, पशुओं के लिए भी पानी की समस्या हो रही है। ग्रामीणों ने एक बार फिर आईपीएच विभाग को मूंगा टीमली योजना के खराब पंप को दो दिन में दुरुस्त करने की मांग की है। कहा समस्या का समाधान नहीं किया गया तो मजबूरन ग्रामीणों को आईपीएच विभाग कोटा का घेराव करने को मजबूर होना पड़ेगा। उधर, आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता काला सिंह ने बुंगा टिंबी पेयजल योजना का पंप खराब होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पंप खराब होने से गांव में पानी की सप्लाई ठप पड़ी है। इसे दुरुस्त कर पानी की सप्लाई चालू कर दी जाएगी।
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