संगड़ाह-हरिपुरधार मार्ग पर डूम का बाग में पहाड़ी दरकने से अवरुद्घ हुआ मार्ग।
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संगड़ाह (सिरमौर)। जिले में भले ही दो दिन से बारिश का सिलसिला रुक गया हो लेकिन पहाड़ों के दरकने का दौर अभी भी जारी है। संगड़ाह-हरिपुरधार सड़क पर डूम का बाग के समीप पहाड़ी दरकने से भारी भरकम चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। इससे सड़क के आधे हिस्से का नामोनिशान ही मिट गया है। हरिपुरधार से करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर दरकी पहाड़ी से अभी भी चट्टानें गिरने का सिलसिला जारी है। सड़क ध्वस्त होने से गिरिपार क्षेत्र की दो दर्जन पंचायतों का संपर्क संगड़ाह क्षेत्र के अलावा जिला मुख्यालय नाहन से भी कट गया है। सबसे ज्यादा परेशानी कामकाजी लोगों के अलावा किसानों को उठानी पड़ रही है। पिछले तीस घंटे से बंद पड़ी सड़क से यात्रियों को भी गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। मंडियों को भेजी जाने वाली सब्जियों के ट्रक और दूसरे वाहन सड़क के दोनों ओर फंसे हैं। बताया जा रहा है कि इस मुख्य मार्ग को पूरी तरह बहाल होने में अभी एक सप्ताह का समय लग सकता है। हालांकि, छोटे वाहनों के लिए सड़क बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। लेकिन, सबसे बड़ी परेशानी अभी यही है कि पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण सड़क के किनारे विभाग के कर्मियों के लिए भी काम निपटाना मुश्किल हो रहा है। संगड़ाह से हरिपुरधार जाने वाले वाहन चालकों को वाया पालर, बोगधार और नौहराधार होते हुए लंबा सफर तय करने को विवश होना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता देशराज शर्मा ने बताया कि पहाड़ी से चट्टानें गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। उन्होंने बताया कि सड़क को दुरुस्त करने में काफी वक्त लगेगा। विभाग के कर्मी काम पर जुटे हैं, फिर भी सड़क को बहाल करने में एक सप्ताह का समय लग सकता है। विभाग का प्रयास है कि एक-दो दिन के भीतर छोटे वाहनों के लिए सड़क को दुरुस्त कर दिया जाएगा। बड़े वाहनों के लिए सड़क की बहाली में समय लगेगा। एसडीएम राजेश धीमान और तहसीलदार राजेंद्र ठाकुर ने भी सड़क का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी लगातार दरक रही है, जिससे खतरा और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को जल्द सड़क की बहाली के निर्देश भी दिए।