अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। शिलाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक पंचायत में पंजीकृत हुआ आधार केंद्र नियमों के विपरीत चलने पर विभाग ने इस पर कार्रवाई की है। प्रदेश और जिला स्तर की संयुक्त टीम ने आधार केंद्रों के औचक निरीक्षण के बाद आधार केंद्र को लोकेशन से बाहर कार्य करते हुए पाया, जिसके बाद आधार केंद्र की पंजीकरण आईडी तुरंत बंद कर दी ई है। जबकि, आधार केंद्र पंजीकरण के लिए सिक्योरिटी के तौर पर लिए गए 35 हजार रुपये को जुर्माने के तौर पर लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। पांवटा में चल रहे एक आधार केंद्र की आधार किट बंद की गई है। दरअसल, आधार किट सरकारी भवन में ही चलाई जा सकती है। जानकारी के अनुसार एक पंचायत में आधार केंद्र का पंजीकरण हुआ था। आधार केंद्र पंचायत के भवन में चलाया जा रहा था लेकिन, टीम के निरीक्षण के दौरान आधार केंद्र पंचायत घर में नहीं चल रहा था। जांच पड़ताल के बाद पता चला कि यह केंद्र पंचायत के बाजार में चल रहा था। इसकी वजह से स्थानीय लोगों को आधार बनाने के लिए पंचायत की जगह बाजार जाना पड़ रहा था। प्रशासन को लंबे समय से इसकी शिकायतें भी मिल रही थीं। गौरतलब है कि 10 माह पहले जिले में सभी प्राइवेट जगह चल रहे आधार किट को बंद किया गया। उनके लिए सरकारी कार्यालय में अलग कोई कमरा न मिलने तक कार्य करने पर पाबंदी लगाई गई। इसी कारण अधिकांश जगह पर आधार केंद्र चालू नहीं हो पाए हैं। आधार कोआर्डिनेटर अनुराग ने बताया कि उन्हें लंबे समय से लोकेशन से बाहर आधार किट चलाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद उन्होंने सिरमौर और सोलन जिले का निरीक्षण कर चार आधार सेंटरों को ब्लैकलिस्ट किया है। जिला सिरमौर में एक-दो आधार केंद्रों में खामियां पाई गईं। पांवटा में आधार किट बंद की गई है, जबकि शिलाई हलके में आईडी को बंद किया गया है। दोनों केंद्रों के संचालकों पर 35-35 हजार जुर्माना लगाने के लिए अधिकारियों को लिखा गया है। जिला उपायुक्त ललित जैन ने बताया कि उन्होंने कोआर्डिनेटर से पूरे जिले में लोकेशन से बाहर कार्य कर रहे सभी आपरेटरों की डिटेल मांगी है।