अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर के सौजन्य से वीरवार को जिला सिरमौर में जगह-जगह जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 1905 में कांगड़ा में आए भूकंप की 114वीं वर्षगांठ पर एसएफडीए हाल नाहन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त सिरमौर ललित जैन ने की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा का कोई निर्धारित समय नहीं होता लेकिन, आपदा से निपटने के लिए हर व्यक्ति को मानसिक तौर पर तैयार रहना चाहिए। तभी आपदा से होने वाले जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भवन और मकान बनाते समय भूकंपरोधी निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे भवन की भूकंप को सहन करने की क्षमता बढ़ सके। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिले के सभी 240 उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में गृह रक्षकों के जवानों द्वारा स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत बच्चों को प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए आवश्यक टिप्स दिए जा रहे हैं। होमगार्ड के जवान स्कूलों में जाकर बच्चों को भूकंप, बाढ़ और भू-स्खलन से बचाव के बारे में जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने युवाओं, महिला मंडलों, गैर सरकारी संस्थाओं का आह्वान किया कि वे समाज में आपदा प्रबंधन के बारे में लोगों को जागरूक करें। इस अवसर पर डॉ. वीना सांगल ने आपदा के दौरान घायलों को प्राथमिक उपचार, उप आदेशक गृह रक्षा गुमान सिंह ने आपदा के दौरान घायलों को किस प्रकार सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधि राजन कुमार ने आपदा प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इससे पहले चौगान मैदान में गृह रक्षा चतुर्थ वाहिनी नाहन के जवानों ने मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया, जिसमें आपदा के दौरान बचाव संबंधी टिप्स भी दिए गए। इस मौके पर आदेशक गृह रक्षक राकेश सिंह, सहायक आयुक्त एसएस राठौर, सीएमओ डॉ. केके पराशर, पर्यावरण सोसायटी नाहन के अध्यक्ष डॉ. सुरेश जोशी आदि उपस्थित रहे।